जालंधर में नशा तस्कर के ढाबे पर चला बुलडोजर:10 साल से अलग रह रही पत्नी ने रजिस्ट्री अपनी बताकर किया विरोध
- DSS Admin
- Jun 16, 2026
जालंधर के धानकिया मोहल्ले में स्थित 'वीर दा ढाबा' पर आज नगर निगम और पुलिस प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध निर्माण को ढहा दिया। यह ढाबा कथित तौर पर नशा तस्कर धर्मेंद्र सिंह का है, जिस पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कई मामले दर्ज हैं। कार्रवाई का विरोध करते हुए धर्मेंद्र की पत्नी रज्जी ने दावा किया कि वह पिछले 10 साल से अपने पति से अलग रह रही है और इस संपत्ति की रजिस्ट्री तथा ढाबा चलाने की अनुमति उसके नाम पर है। मौके पर तनाव को देखते हुए चार थानों की पुलिस और भारी बल तैनात किया गया था। जालंधर में नशा तस्करों और उनके अवैध साम्राज्य के खिलाफ पुलिस व प्रशासन का कड़ा एक्शन लगातार जारी है। इसी कड़ी में आज नगर निगम और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम ने धानकिया मोहल्ले में स्थित 'वीर दा ढाबा' के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया। प्रशासन द्वारा यहाँ किए गए अवैध कब्जे और अवैध निर्माण (उसारी) को हटाने के लिए क्रेन व मशीनें बुलाई गईं। नशा तस्कर का है ढ़ाबा गौरतलब है कि यह ढाबा कुख्यात नशा तस्कर धर्मेंद्र सिंह का बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी धर्मेंद्र सिंह के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत कम से कम 6 मामले दर्ज हैं। इससे पहले भी प्रशासन द्वारा इस ढाबे के खिलाफ कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जा चुकी है। अवैध निर्माण को लेकर पहले दिया गया नोटिस नगर निगम की टीम का कहना है कि इस अवैध निर्माण को लेकर ढाबा संचालक को पहले ही आधिकारिक नोटिस जारी किया गया था। तय समय सीमा के भीतर नोटिस का कोई जवाब न मिलने के कारण, आज विभाग द्वारा यह दंडात्मक कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, इस प्रशासनिक कार्रवाई का ढाबा मालिक की पत्नी रज्जी ने कड़ा विरोध किया है। रज्जी का कहना है कि वह पिछले 10 वर्षों से अपने पति धर्मेंद्र से अलग रह रही है और अपने बच्चों का पालन-पोषण खुद अकेले कर रही है। उसका दावा है कि इस जगह की रजिस्ट्री उसके नाम पर है और ढाबा चलाने के लिए उसके पास उचित परमिशन (अनुमति) भी है। 2 साल पहले भी प्रशासन ने इस ढाबे पर की थी तोड़फोड़ रज्जी ने बताया कि करीब 2 साल पहले भी प्रशासन ने इस ढाबे पर तोड़फोड़ की कार्रवाई की थी, जिसके करीब 7-8 महीने बाद उसने यहाँ फिर से दीवार खड़ी की थी। उसका आरोप है कि वर्तमान नोटिस भी उसके पति धर्मेंद्र के नाम पर जारी किया गया है, जबकि वह यहाँ नहीं रहता। इस मामले को लेकर उसने अपने वकील को भी सूचित कर दिया है। मौके पर पुलिस की भारी फोर्स तैनात कार्रवाई के दौरान मौके पर किसी भी प्रकार का हंगामा या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बिगड़े, इसके लिए प्रशासन ने पुख्ता इंतजाम किए थे। घटना स्थल पर सुरक्षा के लिहाज से 4 अलग-अलग थानों की पुलिस फोर्स को तैनात किया गया था। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वे केवल नगर निगम की टीम को सुरक्षा प्रदान करने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए वहाँ पहुँचे थे।

