केएमवी में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा

भास्कर न्यूज | जालंधर कन्या महाविद्यालय में रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। कॉलेज ने एक प्रभावी रिसर्च पॉलिसी लागू की है, जिसके तहत विभिन्न ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट पाठ्यक्रमों में रिसर्च प्रोजेक्ट्स और इंटर्नशिप को शामिल किया गया है। कॉलेज अपने फैकल्टी सदस्यों और छात्राओं की रिसर्च परियोजनाओं के लिए सीड मनी ग्रांट भी उपलब्ध करवाता है। जिन प्रोजेक्ट्स को बाहरी वित्तीय सहायता नहीं मिलती, उन्हें कॉलेज की ओर से सहयोग दिया जाता है। चयनित आवेदकों को विशेषज्ञ समिति के समक्ष अपना प्रोजेक्ट प्रीजैंट करना होता है। इसके बाद चुनी गई टीमों को प्रत्येक सेमेस्टर के अंत में अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करनी पड़ती है, जिसका मूल्यांकन विशेषज्ञों द्वारा किया जाता है। इन शोध परियोजनाओं पर कार्य कर रही कई छात्राओं ने राष्ट्रीय स्तर के सेमिनारों और कॉन्फ्रेंस में अपने शोध कार्य प्रस्तुत कर कॉलेज का नाम रोशन किया है। शोध के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले दो फैकल्टी सदस्यों को हर वर्ष सीनियर और जूनियर श्रेणी में एक्सीलेंस इन रिसर्च अवॉर्ड भी प्रदान किया जाता है। के.एम.वी. में नियमित रूप से रिसर्च फोरम का आयोजन किया जाता है, जहां विभिन्न विभाग अपने शोध कार्यों और अनुभवों को साझा करते हैं। इसके साथ ही शोध कार्यप्रणाली, बौद्धिक संपदा अधिकार और रिसर्च से जुड़े अन्य विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान भी आयोजित किए जाते हैं। प्रिंसिपल प्रो. अतिमा शर्मा द्विवेदी ने शिक्षकों को छात्राओं को शोध कार्यों से जोड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि रिसर्च गतिविधियों में भागीदारी से न केवल ज्ञान बढ़ता है, बल्कि विषय की नवीनतम जानकारियों से भी जुड़े रहने का अवसर मिलता है। उन्होंने के.एम.वी. के रिसर्च सेल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि संस्थान भविष्य में भी रिसर्च और इनोवेशन के क्षेत्र में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

   

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