कपूरथला न​गर निगम चुनाव में देरी पर बोले सांसद चब्बेवाल:जल्द शुरू होगी प्रक्रिया, कांग्रेस के नाराज नेता हमारे संपर्क में, वक्त आने पर करेंगे खुलासा

सांसद राजकुमार चब्बेवाल ने कपूरथला में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के जिला स्तरीय निरीक्षण समारोह में शिरकत की। कपूरथला नगर निगम में मेयर चुनाव में हो रही देरी पर उन्होंने साफ किया कि इसके पीछे कोई राजनीतिक कारण नहीं है, जल्द ही नियमानुसार पूरी प्रक्रिया को पूरा कर चुनाव करवा लिया जाएगा। इस दौरान उन्होंने पंजाब कांग्रेस के नए प्रधान की नियुक्ति पर एक बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि यह पार्टी का अंदरूनी मामला है, लेकिन अध्यक्ष पद की दौड़ में कई बड़े नेता शामिल हैं। चब्बेवाल ने एक दिलचस्प संकेत देते हुए कहा कि जो नेता प्रधान न बनाए जाने से नाराज होंगे, वे उनके (आम आदमी पार्टी के) संपर्क में हैं और समय आने पर वे ऐसे नामों का खुलासा भी करेंगे। नशे के खिलाफ मुहिम: 59 हजार केस और 69 हजार गिरफ्तारियां नशे के खिलाफ 'युद्ध मुहिम' का एक साल पूरा होने पर सांसद ने सरकार के कड़े कदमों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पंजाब सरकार के इस अभियान के तहत अब तक राज्य में लगभग 59,000 लोगों के खिलाफ नशा तस्करी के मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि करीब 69,000 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। सरकार नशे के इस पूरे नेटवर्क को जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने माना कि कुछ जगहों पर नशा छुड़ाने वाली सरकारी दवाइयों के दुरुपयोग की शिकायतें मिली हैं, जिस पर निगरानी और जांच बढ़ा दी गई है। हॉटस्पॉट इलाकों में सक्रिय होंगी ग्रामीण कमेटियां चब्बेवाल ने बताया कि जिन गांवों या इलाकों से नशे से जुड़े वीडियो और मामले सामने आते हैं, वहां 'ग्रामीण कमेटियों' को अधिक सक्रिय किया जा रहा है। ये कमेटियां जमीनी स्तर पर नशे के शिकार युवाओं की पहचान करेंगी और उन्हें मुफ्त इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचाएंगी। इसके अलावा, पंजाब सरकार रिहैबिलिटेशन (पुनर्वास) सेंटरों में बिस्तरों की संख्या भी बढ़ा रही है। साथ ही, नशा तस्करों पर कड़ाई के लिए थानों में पुलिस कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ाई जा रही है। मेडिकल कॉलेज का निर्माण और मेयर चुनाव पर बोलेज ॉकपूरथला मेडिकल कॉलेज के काम में हो रही देरी पर उन्होंने बताया कि निर्माण क्षेत्र में आ रहे कुछ पुराने पेड़ों को हटाने के लिए हाईकोर्ट से मंजूरी मांगी गई है। इसके अलावा, पुराने सरकारी अस्पताल की ऐतिहासिक और विरासती पहचान को बचाए रखने के लिए प्रोजेक्ट के नए डिजाइन पर काम चल रहा है।

   

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