PSEB ने बदला 50 साल पुराना परीक्षा पैटर्न, रट्टा स्टॉप:अभ्यास के प्रश्न-बैंक से आएंगे सिर्फ 50% सवाल, बाकी पेपर चैप्टर के अंदर से बनेगा

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से बोर्ड परीक्षाओं के पूरे सिस्टम को बदलने का बड़ा फैसला लिया है। अब तक केवल चैप्टर के अंत में दिए गए सवालों को रटकर अच्छे नंबर लाने वाले छात्रों के लिए आगामी बोर्ड परीक्षाएं एक बड़ी चुनौती साबित होने वाली हैं। बोर्ड की ओर से जारी किए गए नए फरमान के तहत अब 8वीं, 10वीं और 12वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षाओं के प्रश्न-पत्रों के स्ट्रक्चर में बदलाव किया गया है। अब बोर्ड परीक्षाओं में 50-50 का नया फॉर्मूला लागू होगा, जिसके तहत आधा पेपर किताबों के चैप्टर के बिल्कुल बीच से तैयार किया जाएगा। इस नए नियम का सीधा असर पंजाब के लाखों छात्र-छात्राओं और उनके पढ़ाने के तौर-तरीकों पर पड़ेगा। बोर्ड का मुख्य मकसद रटकर पास होने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह खत्म करना और स्टूडेंट्स में 'कांसेप्चुअल अंडरस्टैंडिंग' यानी वैचारिक समझ को बढ़ावा देना है। पेपर के नए पैटर्न को सिलसिलेवार जानिए.. पुराना पैटर्न क्या था और उसमें क्या खामियां थीं, जानिए… पुराने सिस्टम को बदलने की जरूरत क्यों पड़ी, समझिए… शिक्षकों और स्कूलों आदेश जारी पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के उप-सचिव (अकादमिक) की ओर से राज्य के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (DEOs) को इस संबंध में सख्त लिखित हिदायत जारी कर दी गई है। बोर्ड ने साफ किया है कि इस बदलाव को तुरंत जमीन पर उतारा जाए। टीचर्स को कहा गया है कि वो पढ़ाने के पैटर्न में बदलाव करें। अब स्कूल के शिक्षक क्लास में केवल चैप्टर खत्म कराने की औपचारिकता पूरी नहीं कर सकते। उन्हें क्लासरूम में पूरी किताब की एक-एक लाइन को बच्चों को समझाना होगा। स्कूलों को पाबंद किया गया है कि वे सत्र के दौरान होने वाले मासिक टेस्ट, छमाही परीक्षाएं और प्री-बोर्ड एग्जाम भी इसी नए 50-50 फॉर्मूले के आधार पर ही आयोजित करें। ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि मुख्य बोर्ड परीक्षा आने तक छात्र इस नए बदले हुए माहौल और पैटर्न के पूरी तरह से आदी हो सकें और उन्हें परीक्षा हॉल में कोई झटका न लगे।

   

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