पंजाब में EVM नहीं बैलेट पेपर से होगा निकाय चुनाव:बंगाल, तमिलनाडु के विधानसभा चुनावों में कंपनी व्यस्त, मशीनें उपलब्ध कराने में जताई असमर्थता
- DSS Admin
- May 13, 2026
पंजाब में इस बार ईवीएम की बजाए बैलेट बॉक्स के जरिए नगर निगम चुनाव में मतदान होगा। आंध्र प्रदेश की बीईएल (BEL) कंपनी से EVM की मांग की गई थीं। लेकिन कंपनी के अधिकारी पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु सहित अन्य राज्यों के विधानसभा चुनावों में पूरी तरह व्यस्त थे, जिनका परिणाम 4 मई को आया। कंपनी ने 10 मई से पहले मशीनें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई थी। इसके बाद राज्य चुनाव आयोग ने बैलेट से चुनाव करवाने का फैसला किया है। इसकी पुष्टि राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने की है। उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए सभी प्रक्रियात्मक और सुरक्षा उपाय पुख्ता किए जाएंगे। ईवीएम के इंतजार में चुनावों में होती देरी राज्य चुनाव आयोग का कहना है कि आंध्र प्रदेश की बीईएल कंपनी ने 10 मई से बाद ईवीएम मुहैया करवाने की बात कही थी। इसके बाद आंध्र प्रदेश से मशीनों को लाना, नगर निगम और नगर कौंसिल स्तर पर उनका आबंटन और फिर स्टाफ को ट्रेनिंग देने में चुनावों में देरी हो जाती। इसलिए आयोग ने फैसला किया कि बैलेट से ही चुनाव करवा दिए जाएं। 4200 के करीब मतपेटियां तैयार राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने कहा कि पंजाब की आठ नगर निगमों में चुनाव होंगे। इनमें मोहाली, बठिंडा, अबोहर, बरनाला, कपूरथला, मोगा, बटाला और पठानकोट शामिल हैं। इसके अलावा 76 नगर काउंसिल और 21 नगर पंचायतों में भी चुनाव कराए जाएंगे। चुनाव के लिए 3977 पोलिंग स्टेशन बनाए गए हैं। सभी पोलिंग स्टेशनों पर एक-एक मतपेटी होगी। इसके अलावा, बाकी मतपेटियों को रिजर्व रखा जाएगा। ताकि, जरूरत पड़ने पर इस्तेमाल किया जा सके। कुल 36,72,932 मतदाता भी तैयार चुनाव 26 मई मंगलवार को सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक करवाए जाएंगे। मतदान के बाद मतों की गिनती 29 मई शुक्रवार को स्थापित मतगणना केंद्रों में की जाएगी। पंजीकृत मतदाताओं की कुल संख्या 36,72,932 है, जिनमें 18,98,990 पुरुष, 17,73,716 महिलाएं और 226 अन्य मतदाता शामिल हैं।इन चुनावों के लिए जिलों में 3977 मतदान केंद्र स्थापित किए गए हैं। देरी से बचने को लिया फैसला राज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने कहा कि हमें आंध्र प्रदेश की बीईएल (BEL) कंपनी से EVM आवंटित की गई थीं। लेकिन कंपनी के अधिकारी पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु आदि राज्यों के विधानसभा चुनावों में पूरी तरह व्यस्त थे, जिनका परिणाम 4 मई को आना था। कंपनी ने 10 मई से पहले मशीनें उपलब्ध कराने में असमर्थता जताई थी। अतः, डिलीवरी में देरी का जोखिम लेने के बजाय, आयोग ने चुनाव मतपेटियों (Ballot Boxes) के माध्यम से कराने का निर्णय लिया है।

