पठानकोट में बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल का निर्माण पूरा:स्थानीय लोग बोले- नदी से निकाली जा रही सामग्री; बरसात में खतरे की आशंका जताई

पठानकोट में पिछले वर्ष बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए सड़क पुल का निर्माण कार्य अब पूरा हो गया है और यह यातायात के लिए खोल दिया गया है। हालांकि, इसी क्षेत्र में स्थित रेलवे पुल और नए सड़क पुल के बीच नदी से अवैध खनन की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे आगामी बरसात में पुलों की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पिछले वर्ष आई भीषण बाढ़ के कारण पंजाब और जम्मू-कश्मीर को जोड़ने वाले दो सड़क पुलों में से एक क्षतिग्रस्त हो गया था। इसके चलते लंबे समय तक यातायात एक ही पुल से संचालित हो रहा था, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी हुई। रेलवे पुल को भी बाढ़ से नुकसान पहुंचा था, जिसकी मरम्मत का कार्य अभी जारी है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, रेलवे पुल और सड़क पुल के बीच बहने वाली नदी से पोकलैंड मशीनों का उपयोग करके बड़े पैमाने पर निर्माण सामग्री निकाली जा रही है। यह गतिविधि ऐसे समय में हो रही है जब पिछले साल की बाढ़ से हुए नुकसान के बाद क्षेत्र में पुलों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है। लोग बोले- बड़े पैमाने पर सामग्री निकाले जाने से नदी का तल गहरा हो जाएगा लोगों का मानना है कि नदी से बड़े पैमाने पर सामग्री निकाले जाने से नदी का तल गहरा हो जाएगा, जिससे आगामी बरसात में बाढ़ आने पर दोनों पुलों की नींव कमजोर पड़ सकती है। यह सवाल भी उठ रहा है कि किसी भी निर्माण कार्य के लिए सामग्री के स्रोत का निर्धारण पहले से होता है, ऐसे में पुलों के बीच से खनन क्यों किया जा रहा है। इस संबंध में माइनिंग अधिकारी सिमरप्रीत संधू ने बताया कि नदी के भीतर खनन की अनुमति नहीं है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि नियमों का उल्लंघन कर नदी से अवैध रूप से सामग्री निकाली जा रही है, तो मामले की जांच कर जिम्मेदार व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

   

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