श्रीनगर हवाई अड्डे पर परिचालन प्रतिबंधों के कारण जम्मू और कश्मीर से हज यात्रियों की वापसी के लिए की गई अस्थायी व्यवस्था

श्रीनगर, 1 जून(हि.स.)। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि रनवे रखरखाव और विमानन सुरक्षा आवश्यकताओं के कारण श्रीनगर हवाई अड्डे पर परिचालन प्रतिबंधों के कारण जम्मू और कश्मीर से हज यात्रियों की वापसी के लिए अस्थायी सामान व्यवस्था की गई है।

एक बयान में मंत्रालय ने कहा कि श्रीनगर हवाई अड्डे के लिए जारी नोटिस टू एयरमेन (एनओटीएएम) के साथ-साथ अस्थायी रनवे लंबाई प्रतिबंधों के कारण विमान संचालन पर पेलोड सीमाएं लग गई हैं। प्रतिबंधों के कारण निर्बाध उड़ान कार्यक्रम और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हज वापसी उड़ानों के लिए सामान प्रबंधन में समायोजन की आवश्यकता हुई है।

मंत्रालय के मुताबिक अकासा एयर से यात्रा करने वाले हज यात्री अहमदाबाद के रास्ते श्रीनगर एम्बार्केशन पॉइंट पर लौटेंगे। व्यवस्था के तहत तीर्थयात्रियों को सऊदी अरब से अहमदाबाद तक अपना पूरा 35 किलोग्राम चेक-इन बैगेज भत्ता ले जाने की अनुमति होगी। हालाँकि अहमदाबाद-श्रीनगर सेक्टर पर पेलोड प्रतिबंध के कारण श्रीनगर की उड़ान में प्रति तीर्थयात्री केवल 5 किलोग्राम चेक किया हुआ सामान ले जाया जाएगा। बाकी 30 किलो सामान को अलग से सड़क मार्ग से ले जाया जाएगा और श्रीनगर पहुंचाया जाएगाl

मंत्रालय ने इस बात पर जोर दिया कि तीर्थयात्रियों के लिए केबिन बैगेज भत्ते में कोई बदलाव नहीं किया गया है। व्यवस्था के पीछे के कारणों को स्पष्ट करते हुए मंत्रालय ने कहा कि यह निर्णय केवल हवाई अड्डे की परिचालन संबंधी बाधाओं और विमानन सुरक्षा कारणों से आवश्यक हो गया है और इसे किसी अन्य संदर्भ में नहीं देखा जाना चाहिए। बयान में कहा गया है कि अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय, भारतीय हज समिति और जम्मू-कश्मीर हज समिति सभी तीर्थयात्रियों की सुरक्षित, सुचारू और सम्मानजनक वापसी सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइंस और अन्य हितधारकों के साथ निकट समन्वय में काम कर रही है।

मंत्रालय ने अस्थायी सामान व्यवस्था से प्रभावित तीर्थयात्रियों से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि सुरक्षा से समझौता नहीं किया जा सकता है और सभी निर्णय तीर्थयात्रियों के सर्वोत्तम हित में लिए गए हैं। यह स्पष्टीकरण लौटने वाले तीर्थयात्रियों के बीच अपने सामान के परिवहन को लेकर चिंताओं के बीच आया है।

अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि सड़क मार्ग से ले जाए जाने वाले सामान को अलग से संभाला जाएगा और व्यवस्थित तरीके से श्रीनगर पहुंचाया जाएगा।

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