डकैत जगन गुर्जर की हत्या के आरोपित विष्णु को प्रोडक्शन वारंट पर जेल से किया गिरफ्तार
- DSS Admin
- Jul 03, 2026
अजमेर, 3 जुलाई (हि.स.)। अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में सिविल लाइन थाना पुलिस ने आरोपित विष्णु जाट को शुक्रवार को प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार कर लिया। कड़ी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच जेल से आरोपित को सिविल लाइन पुलिस थाने लाया गया। जहां उससे विस्तृत पूछताछ की जा रही है।
सीओ शिवम जोशी के अनुसार आरोपित से हत्या के कारण, धटना के तरीके और संभावित साजिश को लेकर विस्तृत पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या इस वारदात में कोई अन्य कैदी या बाहरी व्यक्ति शामिल था।
सूत्रों के अनुसार जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि घटना के समय जेल ब्लॉक मे रेडियो चल रहे थे, जिससे सुरक्षाकर्मियों को किसी तरह की आवाज सुनाई नहीं दी। घटना के पता बाद में जेल खुलने पर चला, जिसके बाद पूरे मामले का खुलासा हुआ।
यहां बता दें कि जगन गुर्जर के परिवारजनों ने इस हत्या को साजिश बताया है। उन्होंने जेल प्रशासन, पुलिस और शासन में बैठे लोगों पर भी आशंका जाहिर की है। पूर्व में मीडिया में आई जानकारी के अनुसार और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार जगन गुर्जर की हत्या गले की हड्डी टूटने से हुई बताई जाती है।
प्रारंभिक पूछताछ में आरोपित विष्णु ने जांच अधिकारियों को बताया था कि जेल के अंदर जगन गुर्जर का काफी दबदबा था और अन्य कैदी उसे जग्गू दादा कहकर बुलाते थे। आरोपित के अनुसार उस पर मानसिक दबाव बनाया जाता था और उसके साथ दुव्र्यहार किया जाता था, यहां तक कि उससे कपड़े धुलवाने और अपमानजनक टिप्पणियां की बात भी सामने आई थी। इसी तनाव और आपसी विवाद के चलते हत्या की वारदात को अंजाम देने की बात आरोपित ने स्वीकार की है।
पुलिस के अनुसार हत्या 29 जून को अजमेर के हाई सिक्योरिटी जेल में हुई थी, जिसमें विष्णु ने कथित रूप से तौलिए से गला दबाकर जगन गुर्जर की हत्या कर दी थी। सूचना थी कि दोनों ही एक ही बंदी बैरक में थे। हत्या से पहले सुबह दोनों ने नाश्ते के दौरान कहासुनी भी हुई थी, बाद में दोनों लूडो खेल रहे थे। इसी दौरान खेलते हुए ही विष्णु अचानक उठा और उसने जगन गुर्जर के पीठ पर पैर रखकर गमछे से गला दबा दिया।
बहरहाल मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस हर पहलू से जांच कर रही है। बारदात पूर्व नियोजित थी या तात्कालिक कारणों से आए आवेश में की गई।
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