रामपुर में सतलुज पर बना पुल जर्जर:बाढ़ में कमजोर हुई नींव, एक ओर झुका; बच्चे और पशुपालक जान जोखिम में डाल करते हैं सफर

रामपुर के ग्राम पंचायत क्याव में सतलुज नदी पर बना लोक निर्माण विभाग का पुल बेहद जर्जर और खतरनाक स्थिति में है। स्थानीय लोगों को किसी बड़े हादसे का डर सता रहा है। यह पुल वर्षों पहले सतलुज नदी में आई भीषण बाढ़ के दौरान क्षतिग्रस्त हो गया था। पानी के तेज कटाव से इसकी नींव कमजोर हो गई थी, जिसके बाद से पुल लगातार जर्जर होता गया और अब एक ओर झुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पुल की हालत इतनी खराब है कि कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। गानवी-क्याव-कूट प्रधानमंत्री सड़क पर क्रैश बैरियर न होने से भी दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। हाल ही में एक सड़क हादसे में युवा शिशु पालन की मृत्यु के बाद लोगों में नाराजगी है। लोग रोजाना इसी पुल से करते हैं आवागमन ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि सड़क संकरी होने और सुरक्षा व्यवस्था की कमी के बावजूद विभाग ने इस समस्या को कभी गंभीरता से नहीं लिया। बड़बोन, पा, अन्ना, कूट, सुरू और आसपास के क्षेत्रों के लोग रोजाना इसी पुल से आवागमन करते हैं। बरसात के दिनों में जब अन्य सड़कें बंद हो जाती हैं, तब स्कूली बच्चों और पशुपालकों को अपने पशुओं सहित इसी जोखिम भरे पुल से गुजरना पड़ता है। अस्थायी मरम्मत कर पुल को बचाने का प्रयास ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने कई बार लोक निर्माण विभाग को पत्राचार, प्रतिनिधिमंडल और मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया है, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। स्थानीय लोगों ने कई बार स्वयं अस्थायी मरम्मत कर पुल को बचाने का प्रयास किया है। अब क्षेत्र के लोगों ने सरकार और प्रशासन से पुल के फाउंडेशन की तकनीकी जांच करवाकर जल्द मरम्मत और पुनर्निर्माण कार्य शुरू करने की मांग की है। लोगों ने दी जनसंघर्ष की चेतावनी उन्होंने जनसंघर्ष की चेतावनी भी दी है। इस मांग को उठाने वालों में विजय महाटेट, मोहन मेहता, राजेश मेहता, रत्न डोगरा, एस.पी. नेगी, अश्वनी कुमार, विकी बोर्स नेगी, दिवान सिंह, छतर सिंह चौहान, फकीर चंद, राम स्वरूप और मनीराम खुराना सहित कई स्थानीय लोग शामिल हैं।

   

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