
-हरियाणा के सेवाभाव और आतिथ्य के मुरीद हुए मेहमान
-सम्मेलन स्थल की ‘वॉल ऑफ मैमोरी’ बनी यादगार
चंडीगढ़, 10 जून । हरियाणा विधान सभा की मेजबानी में आयोजित राष्ट्रमंडल संसदीय संघ (सीपीए) भारत क्षेत्र के जोन-टू सम्मेलन बुधवार को समाप्त हो गया। आठ जून से शुरू हुए इस सम्मेलन के दौरान देश के विभिन्न राज्यों के विधानसभा अध्यक्षों के अलावा मुख्य रूप से लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला, राज्य सभा के उप-सभापति हरिवंश, हरियाणा के राज्यपाल प्रो. असीम कुमार घोष और मुख्यमंत्री नायब सिंह पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया मौजूद रहे। सम्मेलन के आयोजक हरियाणा विधानसभा के स्पीकर हरविंद्र कल्याण ने सभी महान विभूतियों को पत्र लिखकर विशेष रूप से आभार जताया है। विस अध्यक्ष ने सम्मेलन में भागीदार उत्तर क्षेत्र के पांचों राज्यों के साथ-साथ विभिन्न राज्य विधान मंडलों से आए पीठासीन अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का भी आभार जताया। विस अध्यक्ष कल्याण ने कहा कि इन सभी प्रतिभागियों ने सार्थक चर्चा कर लोकतांत्रिक संवाद को मजबूती प्रदान की है।
दो दिवसीय सम्मेलन में नॉर्थ जोन के पांचों राज्यों सहित 13 विधान मंडलों के पीठासीन तथा उप-पीठासीन अधिकारी और जनप्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें से लगभग 40 प्रतिभागियों ने निर्धारित विषय पर विचार रखे। सम्मेलन के समापन पर 4 लिखित संकल्प पारित किए गए, जबकि उत्कृष्ट मेजबानी और सुव्यवस्थित आयोजन को लेकर विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण के प्रति आभार का एक अलिखित प्रस्ताव भी ध्वनिमत से स्वीकार किया गया।
विधान सभा अध्यक्ष हरविन्द्र कल्याण बुधवार को मेहमानों को सादर विदा करने में व्यस्त रहे। उन्होंने प्रत्येक अतिथि का सहयोग करने के लिए जहां संपर्क अधिकारी तैनात किए थे, वहीं वे व्यक्तिगत रूप से हर किसी की चिंता करते रहे। विधान सभा अध्यक्ष ने प्रदेश के मुख्यमंत्री नायब सिंह, प्रदेश सरकार, उसके सभी विभागों का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया है।
सम्मेलन के मुख्य सभागार पास ‘वॉल ऑफ मैमोरी’ स्थापित की गई। इस पर विभिन्न राज्यों के जन-प्रतिनिधियों ने इस आयोजन पर अपनी आगंतुक टिप्पणी अनूठे अंदाज में प्रस्तुत की। प्रतिभागियों ने इस मंच को सीखने की अद्भुत कवायद और लोकतांत्रिक मूल्यों की अतुलनीय व्याख्या बताया।
सम्मेलन के दौरान लोक सभा अध्यक्ष ओम बिरला ने ‘संसदीय अनुसंधान एवं नवाचार केंद्र’ का उद्घाटन किया। सम्मेलन के पहले दिन विधान परिसर में लोकतंत्र दीर्घा का भी उद्घाटन किया। यह दीर्घा का उद्देश्य नागरिकों, विशेष रूप से विद्यार्थियों एवं युवाओं को भारतीय संविधान, लोकतांत्रिक मूल्यों तथा विधायिका की कार्यप्रणाली से परिचित कराना है।
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