दमोह में जल जीवन मिशन की पाइपलाइन में सेंध, खेतों तक पहुंचाया जा रहा पेयजल

दमोह:जल जीवन मिशन की पाइपलाइन में सेंध, खेतों तक पहुंचा गांवों का पानीदमोह:जल जीवन मिशन की पाइपलाइन में सेंध, खेतों तक पहुंचा गांवों का पानीदमोह:जल जीवन मिशन की पाइपलाइन में सेंध, खेतों तक पहुंचा गांवों का पानी

दमोह, , 18 मई (हि.स.)। मध्यप्रदेश के दमोह जिले में जल जीवन मिशन के तहत संचालित पेयजल योजनाओं की पाइपलाइन में अवैध टैपिंग और पानी चोरी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। खेतों की सिंचाई के लिए मुख्य पाइपलाइन तोड़कर पानी लेने की घटनाओं ने प्रशासन और जल निगम की चिंता बढ़ा दी है।

जल निगम के जिला प्रबंधक शशांक शेखर तिवारी ने साेमवार काे बताया कि जिले में वर्तमान में पांच समूह जल प्रदाय योजनाओं पर कार्य चल रहा है। इनमें से तीन योजनाएं पूरी हो चुकी हैं, जिनके जरिए करीब 700 गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति की जा रही है। शेष बेबस-1 और बेबस-2 योजनाओं के पूर्ण होने के बाद 400 से 450 और गांवों को पेयजल नेटवर्क से जोड़ने का लक्ष्य वर्ष 2027 तक रखा गया है।

उन्होंने बताया कि जिले में अब तक करीब चार हजार किलोमीटर लंबी पाइपलाइन बिछाई जा चुकी है, हालांकि 2017-18 में तैयार डीपीआर के बाद कई नए टोले और बस्तियां विकसित हो गई हैं, जहां पाइपलाइन नहीं पहुंच सकी। इसी का फायदा उठाकर कुछ लोग मुख्य पाइपलाइन में अवैध कनेक्शन कर पानी लेने का प्रयास कर रहे हैं।

अधिकारियों के मुताबिक, दमोह-पटेरा योजना के अंतर्गत कई मुख्य पाइपलाइन खेतों के बीच से गुजरती हैं। कुछ किसानों द्वारा पाइपलाइन में सेंध लगाकर सिंचाई करने की शिकायतें मिली हैं। विभाग प्रेशर मेजरमेंट सिस्टम के जरिए पूरे नेटवर्क की निगरानी कर रहा है। जहां दबाव कम होता है, वहां टीम तुरंत जांच करती है।

जल निगम का कहना है कि पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने पर मरम्मत में दो से तीन दिन लग जाते हैं, जिससे आगे जुड़े गांवों में पेयजल संकट पैदा हो जाता है। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि योजनाओं का संचालन और रखरखाव अगले 10 वर्षों तक संबंधित कंपनियों की जिम्मेदारी है।

हाल ही में नोहटा थाना क्षेत्र में पाइपलाइन को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ एफआईआर की प्रक्रिया शुरू की गई है। विभाग ऐसे लोगों को चिन्हित कर नोटिस जारी कर रहा है और जुर्माना भी वसूला जाएगा। पाइपलाइन सुरक्षा के लिए संबंधित फर्मों को दिन-रात पेट्रोलिंग के निर्देश दिए गए हैं।

प्रताप नारायण यादव ने मामले को गंभीर बताते हुए अधिकारियों को पूरे नेटवर्क की जांच कर दोषियों के खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग को भी इस संबंध में अवगत करा दिया गया है और अब शिकायतों पर तुरंत एफआईआर दर्ज की जाएगी।

प्रशासन और जल निगम ने ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों और सरपंचों से पेयजल योजनाओं की सुरक्षा में सहयोग करने तथा पाइपलाइन से छेड़छाड़ की जानकारी तत्काल प्रशासन को देने की अपील की है।

   

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