चंडीगढ़ कैशियर मर्डर-25 मिनट सेक्टर-17 में रुके हत्यारे:वारदात के लिए हिमाचल से लाई मोटरसाइकिल; प्रशासक बोले-इसका कोई तो जिम्मेदार होगा
- DSS Admin
- Jun 18, 2026
चंडीगढ़ में शूटर्स का टारगेट सेक्टर-11 में श्री कुमार केमिस्ट के कैशियर जानकीदास की हत्या मामले में चंडीगढ़ प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा कि बदमाश बाजार में आते हैं और गोली मारकर फरार हो जाते हैं। यह चिंता की बात तो जरूर है। इसे लेकर सीनियर अफसरों से बात की है और उन्हें इस मामले में सख्त कदम उठाने के लिए कहा है। साथ ही उन्होंने कहा कि इसका कोई न कोई तो जिम्मेदार होगा। पुलिस जांच में सामने आया कि जो बाइक पुलिस को मिली है उस पर जाली नंबर था। जब उसकी जांच की तो पता चला कि वह पठानकोट का एड्रेस था। उसके बाद चंडीगढ़ पुलिस ने बाइक के चेसिस नंबर से जांच की तो पता चला कि बाइक का असली नंबर जम्मू-कश्मीर का है। आरोपी करीब 50 मिनट तक चंडीगढ़ में ही रहे। कजहेड़ी पहुंचकर उन्होंने नए कपड़े खरीदे और दिल्ली जाने वाली वॉल्वो बस में बैठ गए। जब तक पुलिस को उनकी बाइक मिली, वे शाहाबाद क्रॉस कर चुके थे। जानकीदास की हत्या करने से पहले शूटर कजहेड़ी से निकले थे। एक बाइक पर हेल्मेट लेकर सवार था और दोनों शूटर ऑटो पर थे। उसके बाद तीनों सेक्टर 17 में 27 मिनट रुके। पुलिस स्टेशन के सामने से गुजरे। यहां के हेडक्वार्टर से भी 200 मीटर दूरी यानी मटका चौक से होते हुए सेक्टर 11 में पहुंचे थे। शूटरों के निशाने पर कैशियर जानकीदास नहीं, बल्कि इसी सेक्टर का एक बड़ा केमिस्ट था। शूटर्स को उस केमिस्ट को मारने की सुपारी फिरोजपुर के एक शख्स ने दी थी। चंडीगढ़ पुलिस की जांच में यह बात सामने आई है। फायरिंग के बाद गैंगस्टर गोल्डी ढिल्लों ने वॉयस मैसेज जारी करते हुए ‘कुमार ब्रदर्स’ का नाम लिया था। 2 शूटर अरेस्ट और 5 पुलिसकर्मी सस्पेंड चंडीगढ़ के सेक्टर-11 में श्री कुमार मेडिकल स्टोर के कैशियर जानकी दास की हत्या के बाद लगाए गए नाकों पर लापरवाही बरतने के मामलें में एसएसपी सुमेर प्रताप सिंह ने 5 पुलिसकर्मियों को सस्पेंड कर दिया गया है। इन पुलिसकर्मियों में थाना-11 के SI बचित्तर सिंह, लेडी कांस्टेबल सुमन, पुलिस पोस्ट लेक पर तैनात सीनियर कांस्टेबल रॉबिन, थाना-3 की लेडी कांस्टेबल दीक्षा और थाना आईटी पार्क की सीनियर लेडी कांस्टेबल जसपाल कौर शामिल हैं। अब ये पुलिस लाइन सेक्टर-26 में हाजिरी लगाएंगे। वहीं चंडीगढ़ पुलिस ने जम्मू-कश्मीर से दो शूटरों को अरेस्ट किया है। इनके नाम सन्नी मेहरा और आर्यन है। यह गिरफ्तारी चंडीगढ़ ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर हरिंदर सेखों, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर नरेंद्र पटियाल और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में हुई है। घटना के बाद सभी यूनिट कोऑर्डिनेशन कर पकड़ें चंडीगढ़ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने अपना नाम छापे बिना बताया कि डिपार्टमेंट में कोऑर्डिनेशन की काफी कमी है। जिस समय चंडीगढ़ सेक्टर 11 केमिस्ट शॉप पर फायरिंग हुई और पुलिस कंट्रोल रूम पर कॉल चली गई, उसके बाद सबसे पहले पुलिस कंट्रोल रूम को पुलिस कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को फोन कर बताना चाहिए ताकि पूरे शहर में लगे सीसीटीवी कैमरे चेक किए जा सकें, पल-पल की लोकेशन मिल सके। क्योंकि इस समय पता चल गया था कि तीनों हमलावर एक बाइक पर बैठकर निकले हैं। इस दौरान शहर की सभी अलग-अलग यूनिट के इंचार्ज हमलावरों की तलाश में निकल जाएं। स्पॉट पर एरिया पुलिस स्टेशन का इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर पहुंचे और एक अधिकारी जो भी वहां पर इनपुट मिलती है, उसे अलग-अलग सभी यूनिट के साथ उसी समय शेयर करे और पूरे शहर को सील कर दिया जाए ताकि हमलावरों को भागने का मौका न मिल सके। हमलावर 50 मिनट तक शहर में रहे, जो काफी ज्यादा होते हैं। जनता को उस समय थोड़ी बहुत परेशानी आएगी ट्रैफिक की वजह से, लेकिन हमलावरों को पकड़ने के लिए सख्त कदम उठाने पड़ते हैं। किसी भी यूनिट के पास कोई सूचना आती है, वह अपने तक सीमित न रखें। सभी यूनिट के इंचार्ज के साथ उसे शेयर करें और ऊपर एक सीनियर अधिकारी इसे हैंडल करे, न कि अलग-अलग। हत्या करने इस रास्ते से आए आरोपी चंडीगढ़ कजहेड़ी के अमर होटल में शुक्रवार दोपहर 2 और ढाई बजे के बीच में आए थे। उसके बाद कुछ देर के लिए शाम को बाहर गए थे, फिर लौट आए। उस दौरान बाइक भी इनके पास ही थी। अगले दिन शनिवार 12:55 मिनट पर तीनों हमलावर अमर होटल से चेकआउट कर निकले। किराया 800 देकर उसके बाद एक आरोपी बाइक पर गया। उसने हेल्मेट ले रखा था। अन्य दो ने ऑटो किया और ऑटो के साथ बाइक जा रही थी। कजहेड़ी से ऑटो और बाइक पहले सेक्टर 42/43 बस स्टैंड चौक, उसके बाद 42/43 छोटा चौक, उसके बाद अटावा चौक, उसके बाद 36/35 चौक, उसके बाद किसान भवन, उसके बाद सेक्टर 22/23 लाइट प्वाइंट, उसके बाद सेक्टर 17 बस स्टैंड चौक, उसके बाद इसी चौक से घूमकर सेक्टर 17 दशहरा ग्राउंड के पास से होते हुए पुलिस स्टेशन 17 के पास से, फिर नगर निगम ऑफिस के सामने से आगे लाइट प्वाइंट पार कर सीधे ताज होटल के सामने से होते हुए मटका चौक पर पहुंचे। वहां से सेक्टर 16 अस्पताल के सामने से होते हुए पीजीआई चौक पर पहुंच गए। उसके बाद पीजीआई चौक से राइट मुड़कर पीजीआई ओपीडी के सामने से होते हुए राइट सेक्टर 11 की तरफ मुड़ गए, जहां पर सभी केमिस्ट शॉप हैं। हत्या के बाद यहां से भागे मर्डर के बाद पुलिस को उलझाने के लिए आरोपियों ने जिग-जैग रास्ता चुना। रॉन्ग साइड होते हुए सेक्टर-11 थाने और क्राइम ब्रांच के पास से गुजरे। फिर सेक्टर-9/10 की डिवाइडिंग रोड से सेक्टर-3 के बोगनविलिया पार्क पहुंचे। वहां बाइक छोड़कर ऑटो किया उसके बाद सेक्टर-9 पंजाब व चंडीगढ़ पुलिस हेडक्वार्टर के पीछे की मेन सड़क से मटका चौक। मटका चौक से सेक्टर-16 जीएमएसएच रोड से स्लिप रोड से सेक्टर-15/16 डिवाइडिंग रोड से सेक्टर-23/24/36/37 चौक। सेक्टर-36/37/41/42 छोटे राउंडअबाउट से स्लिप रोड से अटावा चौक। अटावा चौक से सेक्टर-42/43 आईएसबीटी के बड़े राउंडअबाउट से कजहेड़ी कम्युनिटी सेंटर। शूटरों को लगातार अपडेट दे रहा था साथी पुलिस सूत्रों के अनुसार, चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित श्री कुमार मेडिकल स्टोर में कैशियर जानकी दास की गोली मारकर हत्या के बाद दो शूटर और उनका एक साथी कजहेड़ी पहुंचे। यहां उन्होंने एक दुकान से कपड़े खरीदकर बदले। इसके बाद वे कुछ समय तक इलाके में रुके और फिर दिल्ली के लिए रवाना हो गए। रात करीब 10 बजे वे दिल्ली के कश्मीरी गेट पहुंचे। यहां से पैदल एक होटल में गए, लेकिन कुछ देर बाद अपना सामान लेकर होटल छोड़ दिया और दूसरी जगह ठहर गए। सूत्रों के अनुसार, शूटरों को एक युवक लगातार सोशल मीडिया पर चल रही खबरों की जानकारी दे रहा था। बताया जा रहा है कि यह युवक आरोपी राहुल का दोस्त है और वारदात के बाद आरोपियों को अपडेट उपलब्ध कराता रहा। मर्डर के बाद तीन टीमें जांच में जुटी 13 जून को दोपहर को हुए इस मर्डर के बाद तीन टीमें जांच में जुटी हैं, जिनमें क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल के इंस्पेक्टर व सीनियर ऑफिसर शामिल हैं। टीमें दिल्ली, नोएडा, ग्रेटर नोएडा और हरियाणा में डेरा डाले बैठी हैं। आरोपियों में शूटर आदिल, सन्नी मेहरा और राहुल चौहान के नाम सामने आए। शूटर अभी गिरफ्त से बाहर हैं, लेकिन उनके संपर्क में रहने वाले तीन संदिग्धों अजय कुमार, ओमकार और विवेक मेहरा को जम्मू के सांबा से हिरासत में लिया गया है।

