गुप्त वृंदावन धाम में 7.46 करोड़ हरिनामों का महाजप, 14 घंटे तक गूंजता रहा हरे कृष्ण महामंत्र
- DSS Admin
- May 27, 2026
जयपुर, 27 मई (हि.स.)। जगतपुरा स्थित गुप्त वृंदावन धाम में विशेष मेष अधिक मास और दुर्लभ पद्मिनी एकादशी के अवसर पर आयोजित ‘108 माला हरे कृष्ण महामंत्र महाजप यज्ञ’ में देश-विदेश सहित जयपुर के 400 से अधिक श्रद्धालुओं ने भाग लेकर सामूहिक रूप से 7 करोड़ 46 लाख से अधिक हरिनामों का जप किया।
गुप्त वृंदावन धाम के अध्यक्ष अमितासना दास अमितासना दास ने बुधवार को बताया कि आठ वर्षों के लंबे अंतराल के बाद आए विशेष मेष अधिक मास तथा तीन वर्ष बाद आई पद्मिनी एकादशी के अवसर पर यह महाजप यज्ञ आयोजित किया गया। उन्होंने बताया कि महाजप यज्ञ ग्लोबल हरे कृष्ण मूवमेंट तथा अक्षय पात्र फाउंडेशन के चेयरमैन मधु पंडित प्रभु मधु पंडित प्रभु के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। प्रातः पांच बजे शुरू हुआ यह आध्यात्मिक अनुष्ठान रात्रि आठ बजे तक लगातार 14 घंटे से अधिक समय तक चला, जिसमें श्रद्धालु एक ही स्थान पर बैठकर अखंड हरे कृष्ण महामंत्र का जप करते रहे।
अमितासना दास ने बताया कि प्रत्येक साधक ने 108 माला जप का संकल्प लिया। एक माला में 108 महामंत्र होने के कारण प्रत्येक भक्त ने 11 हजार 664 महामंत्रों का उच्चारण किया। एक महामंत्र में भगवान के 16 पवित्र नाम होने से प्रत्येक साधक ने कुल 1 लाख 86 हजार 624 हरिनामों का जप किया। सामूहिक रूप से यह संख्या 7 करोड़ 46 लाख से अधिक हरिनामों तक पहुंच गई।
महाजप यज्ञ के दौरान आयोजित विशेष सत्र में मधु पंडित प्रभु ने श्रद्धालुओं को ‘सोलफुल जप’ अर्थात ध्यानपूर्वक और भावपूर्ण हरिनाम जप का अभ्यास कराया। उन्होंने कहा कि वर्तमान आधुनिक जीवन में बढ़ते मानसिक तनाव, अवसाद और भौतिक व्यस्तताओं से मुक्ति पाने का सबसे सरल और प्रभावी उपाय भगवान के पवित्र नामों का जप है। उन्होंने कहा कि ध्यानपूर्वक हरे कृष्ण महामंत्र का जप करने से हृदय की शुद्धि होती है और जीवन में सकारात्मकता तथा आध्यात्मिक आनंद का संचार होता है। उन्होंने कहा कि हरिनाम संकीर्तन केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि मानसिक शांति और आंतरिक संतुलन प्राप्त करने का प्रभावी माध्यम भी है। वर्तमान समय में समाज को आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने की आवश्यकता पहले से अधिक महसूस की जा रही है।
अमितासना दास ने बताया कि पुरुषोत्तम मास के दौरान गुप्त वृंदावन धाम में प्रतिदिन कथा, हरिनाम संकीर्तन, भव्य आरती और विभिन्न वैदिक कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। यह आयोजन इस्कॉन बैंगलोर मंदिर समूह के चेयरमैन मधु पंडित प्रभु के मार्गदर्शन तथा जयपुर के भामाशाह ओमप्रकाश मोदी के सहयोग से संचालित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पद्मिनी एकादशी के अवसर पर महाजप यज्ञ के साथ मंगल आरती, श्रील प्रभुपाद वचनों का पाठ, दर्शन आरती, गुरु पूजा और सामूहिक सत्संग का आयोजन भी किया गया। ऑफलाइन श्रद्धालुओं के अलावा देश-विदेश के सैकड़ों भक्त जूम और यूट्यूब लाइव के माध्यम से भी इस आयोजन से जुड़े।
अमितासना दास ने कहा कि तीन वर्ष में एक बार आने वाले पुरुषोत्तम मास और उसमें भी दुर्लभ पद्मिनी एकादशी पर आयोजित यह महाजप यज्ञ समाज में आध्यात्मिक जागृति लाने, हरिनाम संकीर्तन के महत्व को रेखांकित करने तथा प्राचीन वैदिक संस्कृति के प्रचार-प्रसार की दिशा में मील का पत्थर साबित होगा।
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