परियाेजना की लागत दस हजार कराेड़ से हुई पार
चंडीगढ़, 18 मई (हि.स.)। हरियाणा सरकार ने मिलेनियम सिटी गुरुग्राम में ट्रैफिक समस्या और बढ़ते जाम को देखते हुए गुरुग्राम मेट्रो के ब्लू प्रिंट को हरी झंडी दे दी है।
सोमवार को मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में आयोजित हुई मंत्रिमंडल की बैठक में मिलेनियम सिटी सेंटर से साइबर सिटी तक 28.50 किलोमीटर लंबे मेट्रो कॉरिडोर, रेलवे स्टेशन स्पर और रैपिड मेट्रो इंटीग्रेशन को मंजूरी दी गई। सरकार ने परियोजना लागत को बढ़ाकर 10,266.54 करोड़ रुपये स्वीकृत किया है, जबकि पूरे सॉफ्ट लोन फंडिंग के लिए वर्ल्ड बैंक को जिम्मेदारी सौंपने का फैसला लिया गया है।
सरकार के अनुसार लागत बढ़ने की मुख्य वजह 2019 से 2023 के बीच निर्माण सामग्री की कीमतों में बढ़ोतरी, जीएसटी दरों में बदलाव, अलग डिपो निर्माण, अतिरिक्त कोच, रैपिड रेल ट्रांजिट सिस्टम (आरआरटीएस) अलाइनमेंट में बदलाव और गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक नए मेट्रो स्पर का निर्माण है। नई लागत में करीब 7,098 करोड़ रुपये मूल्य वृद्धि और टैक्स संशोधन से जुड़े हैं, जबकि 947 करोड़ रुपये स्टैंडअलोन कॉरिडोर और अन्य इंफ्रास्ट्रक्चर जरूरतों पर खर्च होंगे। परियोजना के लिए पहले वर्ल्ड बैंक और यूरोपियन इन्वेस्टमेंट बैंक (ईआईबी) दोनों से सॉफ्ट लोन लिया जाना था, लेकिन ईआईबी से मंजूरी में लगातार देरी के कारण अब पूरा सॉफ्ट लोन हिस्सा वर्ल्ड बैंक से लेने का फैसला किया गया है।
यह मेट्रो कॉरिडोर 28.50 किलोमीटर लंबा होगा और इसमें कुल 27 स्टेशन बनाए जाएंगे। परियोजना की डीपीआर (विस्तृत परियोजना रिपोर्ट) पहले ही केंद्र सरकार से मंजूरी प्राप्त कर चुकी है। सरकार का मानना है कि इस मेट्रो लाइन के शुरू होने से गुरुग्राम के सबसे व्यस्त कॉर्पोरेट और रिहायशी इलाकों के बीच सफर आसान होगा और ट्रैफिक दबाव में बड़ी कमी आएगी।
अब रेलवे स्टेशन तक भी पहुंचेगी मेट्रो
मंत्रिमंडल ने सेक्टर-5 से गुरुग्राम रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित मेट्रो स्पर को भी मंजूरी दे दी है। करीब 1.80 किलोमीटर लंबे इस लिंक का उद्देश्य मेट्रो और रेलवे नेटवर्क के बीच बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी तैयार करना है। इससे यात्रियों को ट्रेन और मेट्रो के बीच निर्बाध सफर की सुविधा मिलेगी। विशेष रूप से ऑफिस यात्रियों और दिल्ली-एनसीआर के दैनिक यात्रियों को इसका बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। कैबिनेट ने रैपिड मेट्रो इंटीग्रेशन से जुड़ी सप्लीमेंट्री रिपोर्ट को भी मंजूरी दी। इसके तहत सेक्टर-33 में करीब 22.86 हेक्टेयर सरकारी जमीन पर आधुनिक डिपो और संबंधित सुविधाएं विकसित की जाएंगी।
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