फरीदकोट काैंसिल अध्यक्ष पद के लिए जोड़तोड़ शुरू:किसी दल को नहीं मिला बहुमत; एक दूसरे के किले में सेंध लगाने को सरगर्मी तेज

फरीदकोट नगर कौंसिल चुनाव में किसी भी दल को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलने के कारण अध्यक्ष पद को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई है। अध्यक्ष पद हासिल करने के लिए सत्ताधारी आम आदमी पार्टी समेत कांग्रेस व शिअद ने जोड़तोड़ और समर्थन जुटाने की कवायद शुरू कर दी गई है। फरीदकोट कौंसिल के कुल 25 वार्डों में हुए चुनाव में आम आदमी पार्टी को 10, कांग्रेस को 8 और शिरोमणि अकाली दल को 7 सीटें हासिल हुई हैं। अध्यक्ष पद के लिए कम से कम 13 पार्षदों के समर्थन की आवश्यकता है। ऐसे में कोई भी पार्टी अपने दम पर अध्यक्ष नहीं बना सकती और सभी दल समर्थन जुटाने में लगे हुए हैं। पिछले 5 वर्षों से फरीदकोट नगर कौंसिल पर कांग्रेस का कब्जा रहा है। उस दौरान आप के पास केवल एक पार्षद था। चुनावों में एक आजाद उम्मीदवार निर्विरोध निर्वाचित हुआ था जोकि आप मे शामिल हो गया और मतदान के बाद 9 सीट जीतकर आम आदमी पार्टी के पार्षदों की संख्या 10 हो गई जोकि बहुमत से 3 दूर है। विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने अभी अपने नहीं खोले पत्ते बड़ी बात यह है कि सबसे बड़े दल के बावजूद फरीदकोट से आप विधायक गुरदित्त सिंह सेखों ने अभी अपने पत्ते नहीं खोले हैं। वहीं शिअद नेता परमबंस सिंह बंटी रोमाणा का दावा है कि आप और कांग्रेस के कुछ पार्षद उनके संपर्क में हैं। उन्होंने आप व कांग्रेस पर ब्लॉक समिति के चेयरमैन और वाइस चेयरमैन पद के चुनाव की तरह नगर काउंसिल के भी अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद के लिए भी गुप्त समझौता करने की तैयारी के आरोप भी लगाए हैं। हालांकि कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक कुशलदीप सिंह किक्की ढिल्लों ने समझौते से साफ इनकार किया है। कौंसिल के अध्यक्ष पद पर सबकी निगाहें उल्लेखनीय है कि कुछ माह पहले हुए ब्लॉक समिति फरीदकोट व कोटकपूरा के चुनाव में भी किसी दल को बहुमत नहीं मिला था पर चेयरमैन व उप चेयरमैन के पद आप व कांग्रेस के हिस्से आए थे। उस समय अकाली दल ने दोनों पार्टियों पर गुप्त समझौते के आरोप लगाए थे। अब फरीदकोट नगर कौंसिल के अध्यक्ष पद पर किस दल का कब्जा होगा, इस पर सभी की निगाहें टिकी हुई हैं।

   

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