लुधियाना| ओशो उत्सव लुधियाना की ओर से संध्या ध्यान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में उपस्थित संन्यासियों ने ओम ध्यान से जुड़कर अध्यात्म की सूक्ष्म अनुभूति के बीच आनंद का अनुभव किया। ओशो उत्सव के प्रवक्ता स्वामी गुरचरण के अनुसार संध्या ध्यान की शुरुआत बाबा बुल्ले शाह की रचनाओं के पाठ से हुई। इसके बाद 30 मिनट के ओम ध्यान में साधकों ने एकाग्रता के साथ साधना की। आयोजन में आगे मौन ध्यान कराया गया, फिर जीवन को जीने की कला विषय पर आचार्य रजनीश ओशो के प्रवचन सुने गए। स्वामी दीपक ने कहा कि ओशो की देशना जीवन जीने और आत्म-सम्बंध की पद्धति से जोड़ती है, ताकि आधुनिक तनावग्रस्त जीवन में कुछ पल सुकून मिल सके। ध्यान संध्या में स्वामी सतनाम, स्वामी तरनजीत, स्वामी भूपेंद्र, स्वामी प्रीतम, स्वामी आरिफ, स्वामी गणेश, मां अमरदीप, मां मीनू और मां प्रार्थना सहित अन्य सहभागी मौजूद रहे।

