गुरदासपुर में घर में सिलेंडर को लगी आग:हनुमान चौक के पास की घटना, 2 बच्चों व दंपति समेत 6 लोग झुलसे, सिविल अस्पताल में करवाया गया भर्ती
- DSS Admin
- Jun 03, 2026
गुरदासपुर के हनुमान चौक के पास स्थित एक घर के भीतर एलपीजी सिलेंडर में अचानक आग लग जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस दर्दनाक घटना में दो मासूम बच्चों, उनके माता-पिता सहित कुल 6 लोग गंभीर रूप से झुलस गए हैं। आग लगने की खबर मिलते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। गनीमत यह रही कि एक स्थानीय नागरिक ने सही समय पर मौके पर पहुंचकर सूझबूझ दिखाई, जिससे आग पर काबू पा लिया गया और सिलेंडर फटने से होने वाला एक और बड़ा विनाशकारी हादसा टल गया। सभी घायलों को तुरंत उपचार के लिए गुरदासपुर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक ही परिवार के 4 लोग झुलसे अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार, इस घटना में झुलसने वाले प्रमुख लोगों में एक ही परिवार के चार सदस्य शामिल हैं। इनमें, पति-पत्नी इंद्र (31) और अनु (28) के अलावा के दो बच्चे दिव्यांश (4 साल) और युवराज (6 साल) शामिल हैं। इसके अलावा, पिंटू कुमार (35), राजा कुमार (20) को अस्पताल में भर्ती किया गया है। विजय की सूझबूझ से बुझी आग घटना के समय मौके पर मौजूद चश्मदीद विजय ने बताया वह हनुमान चौक की गली से बाहर निकल ही रहा था, तभी उसने लोगों को अंदर आग लगने का शोर मचाते हुए सुना। अंदर अपनी दुकान और मकान होने के कारण वह तुरंत दौड़कर मौके पर पहुंचा। जब दौड़कर अंदर पहुंचा, तो शुरुआत में सामने सब ठीक-ठाक लगा। लेकिन जैसे ही उसने दूसरी तरफ नज़र दौड़ाई, तो अंदर किचन के पास सिलेंडर के अगले हिस्से (रेगुलेटर/नोजल) में तेज़ आग धधक रही थी। उसने बिना वक्त गंवाए पास ही उपलब्ध पंप (अग्निशामक उपकरण) उठाया और उसकी मदद से आग को पूरी तरह बुझा दिया। हाथ-पैर झुलसे, अस्पताल में इलाज जारी विजय के अनुसार, आग की चपेट में आने के कारण पीड़ितों के हाथ और पैर काफी झुलस गए हैं। हादसे के तुरंत बाद हनुमान चौक के आस-पड़ोस के लोग और परिजनों ने भारी सक्रियता दिखाई। सभीघायलों को तुरंत एम्बुलेंस और निजी वाहनों की मदद से गुरदासपुर के सरकारी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका उपचार कर रही है। राहत की बात यह रही कि आग को समय रहते बुझा लिया गया, जिससे कोई जान-माल का बड़ा नुकसान नहीं हुआ। स्थानीय पुलिस और संबंधित विभाग मामले की जांच में जुट गए हैं। आग लगने के सटीक कारणों का अभी आधिकारिक तौर पर पता नहीं चल पाया है कि यह हादसा गैस लीकेज की वजह से हुआ या किसी अन्य तकनीकी खराबी के कारण।

