पठानकोट सिविल अस्पताल में बनेगी 15 करोड़ की हाईटेक ओपीडी:एक ही छत के नीचे मिलेगा सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों से इलाज, इसी साल निर्माण होगा मुकम्मल
- Neha Gupta
- Jul 08, 2026
पठानकोट और इसके आसपास के सीमावर्ती इलाकों के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों के मरीजों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर है। पठानकोट का सिविल अस्पताल जल्द ही स्वास्थ्य सुविधाओं के मामले में पूरी तरह हाईटेक होने जा रहा है। अस्पताल परिसर में करीब 15 करोड़ रुपये की भारी-भरकम लागत से एक अत्याधुनिक और सुव्यवस्थित ओपीडी भवन का निर्माण किया जा रहा है। इस भव्य परियोजना के पूरा होने के बाद मरीजों को डॉक्टरों को दिखाने या पर्ची कटवाने के लिए अलग-अलग इमारतों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे, बल्कि सभी विशेषज्ञ डॉक्टरों का इलाज एक ही छत के नीचे मिल सकेगा। पंजाब, हिमाचल और JK की लाइफलाइन है यह अस्पताल सिविल अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील चंद ने परियोजना की अहमियत बताते हुए कहा कि पठानकोट का यह सिविल अस्पताल भौगोलिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण स्थान पर स्थित है। यहां केवल पठानकोट जिले के ही नहीं, बल्कि पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर (JK) के दूर-दराज के इलाकों से भी हर रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं। अस्पताल की ओपीडी में रोजाना औसतन 1,000 से अधिक मरीज इलाज के लिए आते हैं। मरीजों के इसी भारी दबाव को देखते हुए एक आधुनिक और सुव्यवस्थित ओपीडी ब्लॉक की सख्त जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी, जिसे अब अमलीजामा पहनाया जा रहा है। क्या होंगी इस 15 करोड़ की हाईटेक ओपीडी की विशेषताएं? नया ओपीडी भवन पूरी तरह कॉर्पोरेट अस्पतालों की तर्ज पर आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिसमें मुख्य रूप से निम्नलिखित सुविधाएं शामिल रहेंगी। एक ही छत के नीचे विशेषज्ञ: सभी विभागों के विशेषज्ञ डॉक्टरों (Specialist Doctors) के बैठने के लिए आधुनिक केबिन एक ही परिसर में होंगे। एडवांस टेस्टिंग फैसिलिटी: ओपीडी ब्लॉक के भीतर ही आधुनिक जांच और टेस्ट की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। शानदार वेटिंग एरिया: मरीजों और उनके तीमारदारों के बैठने के लिए पर्याप्त व्यवस्था के साथ एक विश्वस्तरीय प्रतीक्षालय (Waiting Lounge) बनाया जा रहा है। समय की बचत: अलग-अलग विभागों की तलाश में मरीजों को भटकना नहीं पड़ेगा, जिससे गंभीर मरीजों का कीमती समय बचेगा। बेहतर वर्किंग एनवायरनमेंट: इस हाईटेक बिल्डिंग से न केवल मरीजों को सहूलियत होगी, बल्कि डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को भी काम करने के लिए एक शानदार माहौल मिलेगा। मिशन मोड में काम: इसी वर्ष के अंत तक जनता को समर्पित करने का लक्ष्य एसएमओ डॉ. सुनील चंद ने जानकारी दी कि सरकार और स्वास्थ्य विभाग के निर्देशों पर निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। विभाग का मुख्य लक्ष्य इसी वर्ष (2026) के अंत तक इस हाईटेक ओपीडी भवन को पूरी तरह से तैयार कर जनता के हवाले करना है। इस नई ओपीडी के चालू होने से पठानकोट सिविल अस्पताल पूरे क्षेत्र के सबसे मजबूत और आधुनिक सरकारी स्वास्थ्य केंद्र के रूप में उभरेगा। यह कदम न केवल चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा, बल्कि गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को मुफ्त और विश्वस्तरीय इलाज बेहद तेजी और सुविधा के साथ मुहैया कराने में मील का पत्थर साबित होगा।

