पठानकोट में नरेगा कर्मचारियों का सरकार के खिलाफ मोर्चा:बोले- 17 साल से काम कर रहे, अब भी नहीं मिली स्थायी नौकरी
- Neha Gupta
- Jun 06, 2026
नरेगा कर्मचारी अपनी लंबित मांगों को लेकर पठानकोट में हड़ताल पर चले गए हैं। कर्मचारियों ने आम आदमी पार्टी (AAP) के हलका इंचार्ज अमित सिंह मंटू को एक ज्ञापन सौंपा है, जिसमें उनसे उनकी मांगें सरकार तक पहुंचाने की अपील की गई है। ब्लॉक अध्यक्ष राजेश कुमार ने बताया कि नरेगा कर्मचारी पिछले 17 वर्षों से अनुबंध के आधार पर सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन उन्हें अभी तक नियमित नहीं किया गया है। उन्होंने याद दिलाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चुनाव के दौरान पंचायत विभाग में संविदा प्रणाली समाप्त कर कर्मचारियों को स्थायी करने का वादा किया था। हालांकि, इस दिशा में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। राजेश कुमार ने आरोप लगाया कि पंजाब सरकार ने विशेष सत्र में नरेगा कर्मचारियों को नियमित करने के बजाय उनके खिलाफ बयानबाजी की। उन्होंने यह भी बताया कि विभाग ने कर्मचारियों का डेटा पोर्टल पर अपलोड करवाया था, लेकिन अभी तक कोई नियमितीकरण आदेश जारी नहीं हुए हैं। इसके अतिरिक्त, नए पंचायत विकास सचिव पदों को मंजूरी मिलने के बावजूद, वर्षों से खाली पड़े लगभग 63 हजार पद नहीं भरे जा रहे हैं। कर्मचारी बोले- नियमित करने पर नहीं दिया जा रहा ध्यान कर्मचारियों का कहना है कि सरकार नई नौकरियों के दावे कर रही है, जबकि 17 वर्षों से सेवाएं दे रहे नरेगा कर्मचारियों को नियमित करने और उनका बकाया वेतन देने पर ध्यान नहीं दिया जा रहा। उन्होंने बताया कि ड्यूटी के दौरान कई कर्मचारियों की मौत हो चुकी है, लेकिन उनके परिवारों को न तो नौकरी मिली और न ही कोई मुआवजा। इसी तरह, हादसों में घायल कर्मचारियों को भी उचित चिकित्सा सुविधा और आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की गई, तो वे अपने संघर्ष को और तेज करेंगे। उन्होंने कहा कि वे गांव-गांव जाकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करेंगे। इस अवसर पर आसू बाला, जसवीर सिंह, हरप्रीत सिंह, उमद कुमार और रणजीत सिंह सहित अन्य कर्मचारी नेता उपस्थित थे।

