व्यक्तियों की संख्या के आधार पर हो रही पेयजल सप्लाई: सियोल

जोधपुर, 03 जून (हि.स.)। जिला परिषद की साधारण सभा की बैठक जिला प्रमुख लीला मदेरणा की अध्यक्षता में मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित की गई। बैठक में जिले से जुड़े विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा हुई, जिसमें सडक़, पेयजल एवं बिजली की समस्याएं प्रमुख रूप से छाई रहीं।

बैठक में जनप्रतिनिधियों ने अपने-अपने क्षेत्रों की समस्याओं को उठाते हुए संबंधित विभागों के अधिकारियों को समाधान के निर्देश देने की मांग की।

इस दौरान ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल आपूर्ति, जर्जर सडक़ों के निर्माण एवं विद्युत व्यवस्था को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। ओसियां विधायक भैराराम सियोल ने कहा कि वर्तमान में शहरी क्षेत्रों के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 135 लीटर और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए लगभग 55 लीटर पानी का मानक तय है, जो ग्रामीण जीवनशैली और पशुपालन आधारित अर्थव्यवस्था को देखते हुए उचित नहीं है। गांवों में बड़ी संख्या में गाय, भैंस, ऊंट, भेड़ और बकरियां होने के कारण पानी की आवश्यकता अधिक होती है, इसलिए ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच इस भेदभाव को समाप्त किया जाना चाहिए।

विधायक ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में व्यक्तियों की संख्या के आधार पर पेयजल की सप्लाई हो रही है, भैंस और ऊंट जैसे पशुओं को इसमें नहीं गिना जा रहा है। साल 2018 से 2023 के बीच जलापूर्ति परियोजनाओं में बड़े स्तर पर भ्रष्टाचार हुआ। कई स्थानों पर पानी की टंकियां तो बना दी गईं, लेकिन उन्हें पाइपलाइन नेटवर्क से जोडऩे और गांवों तक पानी पहुंचाने के लिए आवश्यक बजट और कार्य नहीं किए गए। इसका खामियाजा आज ग्रामीण जनता को भुगतना पड़ रहा है।

विधायक अर्जुन लाल गर्ग ने भी बिजली के खभों की शिफ्टिंग और पेयजल से जुड़ा मुद्दा उठाया। बैठक के दौरान शेरगढ़ इलाके में पानी की स्थिति को लेकर जेईएन ने सही से जवाब नहीं देने पर जिला प्रमुख सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने उन्हें कड़ी फटकार लगाई। जनप्रतिनिधियों ने पानी की कमी, बिजली की अनियमित आपूर्ति और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए निर्धारित जल वितरण मानकों पर गंभीर चिंता व्यक्त की।

भोपालगढ़ विधायक गीता बरवाड़ ने अपने क्षेत्र में पेयजल की नियमित आपूर्ति नहीं होने का मुद्दा उठाया, जिस पर जलदाय विभाग के अधिकारियों ने इंदिरा गांधी नहर के क्लोजर के कारण पेयजल की कमी होने की बात कही। टैंकरों से पानी की आपूर्ति बढ़ाने का आश्वासन दिया।

उप जिलाप्रमुख विक्रम बिश्नोई ने नाराजगी जताते हुए कहा कि विधायकों को ही मीटिंग में काम के लिए कहना पड़ रहा है, यह सोचने वाली बात है। अधिकारी जनप्रतिनिधियों की बात नहीं सुनते हैं।

   

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