महाराष्ट्र में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लंबे समय की योजना बनानी चाहिए : मुख्यमंत्री
- DSS Admin
- Jun 23, 2026
मुंबई, 23 जून (हि.स.)। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मंगलवार को विधानसभा में कहा कि सूबे में बिजली की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए लंबे समय की योजना बनानी चाहिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस मुंबई में वर्षाकालीन अधिवेशन के दौरान विधानसभा में विधायकों की बिजली के संबंध में उपस्थित सवालों का जवाब दे रहे थे। उन्हाेंने कहा कि राज्य की बढ़ती बिजली की ज़रूरत और मांग और भविष्य की बिजली की मांग को देखते हुए, महाराष्ट्र डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन ने लॉन्ग टर्म डिमांड रिसोर्स एडिक्वेसी प्लान के अनुसार अगले पांच सालों के लिए योजना बनाई है। इसके अनुसार, 43 हज़ार 870 मेगावॉट पावर परचेज़ एग्रीमेंट पांच सालों के लिए किए गए हैं। यह पावर कैपेसिटी अलग-अलग फेज़ में स्थापित की जाएगी और 2031-2032 के आखिर तक महाराष्ट्र डिस्ट्रीब्यूशन कॉर्पोरेशन की स्थापित पावर जेनरेशन कैपेसिटी 78 हज़ार 591 मेगावॉट हो जाएगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के कुछ हिस्सों में इंडस्ट्रियलाइज़ेशन और कुछ जगहों पर गर्मी बढऩे के कारण बिजली की मांग बढ़ी है। पिछले साल के मुकाबले राज्य में बिजली की डिमांड 19.5 परसेंट बढ़ी है। यह बिजली बढ़ी हुई डिमांड के हिसाब से ही उपलब्ध कराई गई है। इस साल गर्मी बढऩे की वजह से राज्य ने पहले की तरह 11 रुपये प्रति यूनिट की जगह सिर्फ 4.60 रुपये प्रति यूनिट की दर से ओपन मार्केट से बिजली खरीदी। इसके लिए पहले किए गए एग्रीमेंट को अच्छे से लागू करने से कम रेट पर बिजली खरीदना मुमकिन हुआ।
मुख्यमंत्री ने कहा कि बिजली खरीदने और कोयला सप्लाई प्रोसेस में गलतियों को दूर करने के लिए केंद्र सरकार से बातचीत चल रही है और ‘सैंपलिंग’ प्रोसेस में बदलाव की मांग की गई है। पिछले एग्रीमेंट की गलतियों को दूर करके नया एग्रीमेंट और टेंडर प्रोसेस लागू किया जाएगा।
उन्हाेंने कहा कि जिन जगहों पर सबस्टेशन पर लोड ज़्यादा है, वहां फीडर सेपरेशन को प्राथमिकता दी जाएगी। साथ ही, टेक्निकल वजहों से बंद हुई यूनिट को प्राथमिकता के आधार पर ठीक करके चालू किया गया है। कोराडी और चंद्रपुर में 800-800 मेगावॉट कैपेसिटी के सुपर क्रिटिकल पावर प्रोजेक्ट का प्रस्ताव भी विचाराधीन है। हालांकि इन प्रोजेक्ट्स के बारे में अभी आखिरी फैसला नहीं हुआ है, लेकिन मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य भविष्य में पुराने सबक्रिटिकल प्रोजेक्ट्स की जगह मॉडर्न सुपरक्रिटिकल टेक्नोलॉजी पर आधारित पावर प्रोजेक्ट्स लगाने की कोशिश कर रहा है।
इस सवाल पर चर्चा में सदस्य विकास ठाकरे, शेखर निकम, विजय वडेट्टीवार ने सब-सवाल पूछकर हिस्सा लिया।
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