पारंपरिक फसलों के महत्व पर एक दिवसीय प्रशिक्षण व जागरूकता शिविर आयोजित
- DSS Admin
- Jun 20, 2026
मंडी, 20 जून (हि.स.)। औद्यानिकी एवं वानिकी महाविद्यालय, थुनाग स्थित गोहर गुडाहरी द्वारा ग्राम पंचायत चच्योट गोहर में पारंपरिक फसलों के महत्व और कृषि वानिकी प्रणाली में उनके इस्तेमाल पर एक दिवसीय प्रशिक्षण व जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। प्रशिक्षण समन्वयक डॉ. नेहा ठाकुर और डॉ. गरिमा ने किसानों को सलाह दी कि वे अपनी अन्य नकदी फसलों के साथ-साथ रामदाना, बिथु जैसी पारंपरिक फसलें भी उगाएं, ताकि उन्हें अतिरिक्त आमदनी हो और वे इसका पूर्ण लाभ उठा सकें।
शिविर में ग्राम पंचायत चच्योट के 30 किसानों को रामदाना/बिथु और गेंदे की गुणवत्तापूर्ण पौधरोपण सामग्री भी वितरित की गयी। हाल ही में चुनी गईं पंचायत प्रधान लीला देवी ने इस पहल की सराहना की और भविष्य में भी महाविद्यालय के साथ मिलकर अपनी पंचायत के किसानों के लिए इस तरह के प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने में पूर्ण सहयोग की बात कही।
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