चंडीगढ़ में मलेरिया के खिलाफ होगी सख्त कार्यवाही:पहली बार लार्वा मिलने पर नोटिस, दूसरी बार सीधे ₹500 का चालान; एंटी-लार्वा अभियान तेज

मानसून के दौरान मलेरिया और डेंगू जैसी मच्छरजनित बीमारियों पर रोक लगाने के लिए चंडीगढ़ प्रशासन ने नियम और सख्त कर दिए हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शहरभर में विशेष एंटी-लार्वा अभियान शुरू किया है। अब जिन घरों, दुकानों या अन्य परिसरों में बार-बार मच्छरों का लार्वा मिलता है, उनके खिलाफ सीधे जुर्माने की कार्रवाई होगी। प्रशासन का कहना है कि लोगों को जागरूक करने के साथ-साथ अब नियमों का सख्ती से पालन भी कराया जाएगा, ताकि मच्छरों की बढ़ती संख्या पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सके। दो चरणों में होगी कार्रवाई स्वास्थ्य विभाग की नई व्यवस्था के अनुसार कार्रवाई दो चरणों में की जाएगी। मानसून में बढ़ता है खतरा स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार बरसात के मौसम में घरों और आसपास पानी जमा होने से मच्छरों की तेजी से ब्रीडिंग होती है। कूलर, गमले, पुराने टायर, कबाड़ और खुले बर्तनों में जमा पानी डेंगू और मलेरिया फैलाने वाले मच्छरों के पनपने का सबसे बड़ा कारण बनता है। इसी को देखते हुए शहर के सभी सेक्टरों और वार्डों में नियमित निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है। लोगों से यह सावधानी बरतने की अपील प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वह अपने घर और आसपास पानी जमा न होने दें। इसके लिए- स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि लोगों के सहयोग से ही डेंगू और मलेरिया जैसी बीमारियों पर प्रभावी नियंत्रण पाया जा सकता है।

   

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