कर्णप्रयाग विवाद- हरिद्वार पहुंचे पंजाब के MP-MLA:बोले- सिख युवकों पर हुई एकतरफा कार्रवाई; निहंगों ने गुरुद्वारे पर कब्जा किया
- DSS Admin
- Jun 21, 2026
कर्णप्रयाग में हुए विवाद को लेकर पंजाब से आए सिख प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड सरकार और पुलिस प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग की है। प्रतिनिधिमंडल ने आरोप लगाया कि घटना में शामिल सिख युवकों के साथ अन्याय हुआ है और मामले में एकतरफा कार्रवाई की गई है। हरिद्वार में प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) से मुलाकात कर अपनी बात रखी। पंजाब से सांसद सर्वजीत सिंह खालसा ने कहा कि उनकी हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर से बातचीत हुई है और उनके माध्यम से डीजीपी से भी संपर्क किया है। उन्होंने बताया कि उन्हें आश्वासन दिया गया है कि वे देहरादून जाकर अपनी सभी मांगों और शिकायतों को डीजीपी के समक्ष रख सकते हैं। खालसा ने कहा कि उनकी प्रमुख मांगों में मामले में क्रॉस केस दर्ज करना, गिरफ्तार युवकों की रिहाई और पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच शामिल है। 'सिख युवकों ने किसी पर हमला नहीं किया' सांसद खालसा ने आगे कहा कि संबंधित सिख युवकों ने किसी पर हमला नहीं किया, बल्कि उन्होंने आत्मरक्षा में कार्रवाई की। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि युवकों ने अपना बचाव नहीं किया होता तो उनके साथ गंभीर अनहोनी हो सकती थी। सांसद ने कहा कि जिन लोगों ने हमला किया, उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सीएम धामी से भी इस मामले पर बात की जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने कोर्ट में पेशी के दौरान सिख युवकों को बिना दस्तार और नंगे सिर प्रस्तुत किए जाने पर आपत्ति जताई। उनके अनुसार सिख समाज में इसे अत्यंत गंभीर और अपमानजनक माना जाता है। खालसा ने कहा कि सिख समुदाय के लोगों द्वारा कृपाण या तलवार धारण करना उनका संवैधानिक अधिकार है और इसे किसी भी स्तर पर प्रतिबंधित नहीं किया जा सकता। 'सिख युवकों के साथ पक्षपात नहीं होना चाहिए' प्रतिनिधिमंडल में शामिल विधायक मनप्रीत सिंह ने कहा कि उनका उद्देश्य केवल इतना है कि घटना में शामिल सिख युवकों को न्याय मिले और उनके साथ किसी प्रकार का पक्षपात न किया जाए। उन्होंने बताया कि डीजीपी ने उन्हें मिलने का समय दिया है और वे पूरे मामले को उनके समक्ष विस्तार से रखेंगे। मनप्रीत सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री से भी उनकी पहले बातचीत हो चुकी है और आवश्यकता पड़ने पर वे दोबारा मुलाकात करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड आने वाले पर्यटकों और श्रद्धालुओं, विशेषकर सिख यात्रियों, को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए तथा दोनों राज्यों में सौहार्द और शांति बनी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में बसे सिख समुदाय के बीच इस घटना को लेकर रोष व्याप्त है। उनके अनुसार सिख युवकों पर हमला किया गया, बाद में उनके खिलाफ एकतरफा मुकदमा दर्ज किया गया और अदालत में भी उन्हें बिना पगड़ी के पेश किया गया, जिससे समाज की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा भी युवकों के साथ मारपीट की गई, जिसके कारण समुदाय में नाराजगी बढ़ी है। ‘पूरे सिख जगत में रोष और चिंता’ खडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने कहा कि पंजाब सहित देश-विदेश में बसे सिख समुदाय के लोगों में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले युवकों के साथ मारपीट हुई और उसके बाद पुलिस कार्रवाई के दौरान भी उनके साथ अत्याचार किया गया। तरसेम सिंह ने कहा कि कोर्ट में पेशी के दौरान युवकों के सिर से दस्तार हटाई गई, जिसे सिख धर्म में अत्यंत गंभीर विषय माना जाता है। उन्होंने कहा कि इसी कारण दुनिया भर के सिख समुदाय में इस घटना को लेकर चिंता और असंतोष है। उन्होंने बताया कि पंजाब से कई जत्थे उत्तराखंड आने की इच्छा जता रहे हैं, लेकिन फिलहाल प्रतिनिधिमंडल बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने मुख्यमंत्री से अपील करते हुए कहा कि मामले का शीघ्र समाधान किया जाए, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई हो और गिरफ्तार युवकों को बिना शर्त रिहा किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। एसएसपी बोले- प्रतिनिधिमंडल की मांग वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई हरिद्वार के एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि पंजाब से आए सांसदों और अन्य प्रतिनिधियों ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की इच्छा व्यक्त की थी। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग में हुए विवाद के संबंध में प्रतिनिधिमंडल किसी वरिष्ठ अधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखना चाहता है। एसएसपी ने बताया कि उन्होंने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया है कि उनकी बात उचित माध्यम से वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दी गई है। उन्होंने कहा कि एक प्रतिनिधिमंडल वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों से मुलाकात करेगा और आगे की कार्रवाई उसी के अनुरूप की जाएगी। भुल्लर ने स्पष्ट किया कि प्रतिनिधिमंडल की मांगें सीधे तौर पर हरिद्वार से संबंधित नहीं हैं, इसलिए उनके पास सभी बिंदुओं की विस्तृत जानकारी नहीं है। हालांकि, उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल की मुलाकात संबंधी मांग को पुलिस मुख्यालय और वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा दिया गया है तथा आगे जो भी निर्णय होगा, उसकी जानकारी साझा की जाएगी। एक दिन पहले गुरुद्वारे पर कब्जा किया उत्तराखंड के चमोली स्थित कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद के बाद शनिवार देर शाम रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में पंजाब से आए निहंगों ने कब्जा कर लिया। उन्होंने दो लोगों को बंधक भी बनाया। हालांकि, विवाद बढ़ने पर निहंगों ने एक व्यक्ति को छोड़ दिया, जबकि एक सेवादार को बंधक बनाए रखा। निहंगों ने चेतावनी दी है कि गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे। रविवार सुबह रुद्रप्रयाग के डीएम विशाल मिश्रा निहंगों से बातचीत करने पहुंचे, लेकिन उन्होंने बाचचीत से इनकार कर दिया। इससे पहले एसपी निहारिका तोमर ने दो दौर की बातचीत कर उन्हें समझाने का प्रयास किया, लेकिन बाचचीत विफल रही। गुरुद्वारे के सेवादारों ने बताया कि इस दौरान निहंगों ने एसपी निहारिका तोमर को धमकी दी। सेवादारों के मुताबिक, प्रशासन ने निहंगों को बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन उन्होंने नीचे आने से इनकार कर दिया। उन्होंने एसपी से कहा कि यदि कोई ऊपर आया तो उसे काट देंगे। सेवादारों ने प्रशासन से मांग की है कि पकड़े गए लोगों को बिना किसी केस के सम्मानपूर्वक पंजाब भेज दिया जाए। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर गुरुद्वारे के आसपास करीब 15 किलोमीटर क्षेत्र में अगले आदेश तक इंटरनेट सेवा बंद कर दी है। यह इलाका हमेकुंड साहिब के यात्रा मार्ग पर पड़ता है। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… उत्तराखंड में निहंग बोले- गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे: एक दिन पहले कब्जा किया, SP समझाने पहुंचीं तो धमकी दी; इंटरनेट बंद, ITBP-PAC तैनात उत्तराखंड के कर्णप्रयाग में 16 जून को हुए विवाद से नाराज पंजाब के 7 निहंगों ने रुद्रप्रयाग के नगरासू स्थित गुरुद्वारे में कब्जा कर लिया है। शनिवार देर शाम कब्जे के बाद निहंगों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बनी हुई है। निहंगों ने चेतावनी दी है कि गुरुद्वारे में घुसने वाले को काट देंगे और लोगों को गुरुद्वारे के पास नहीं आने को कहा है। (पढ़ें पूरी खबर)

