भानियावाला-ऋषिकेश सिक्स लेन परियोजना में वन्यजीव संरक्षण पर विशेष जोर
- DSS Admin
- Jul 07, 2026
-743 करोड़ की परियोजना में एलीफेंट अंडरपास और 754 पेड़ों के प्रतिरोपण का प्रावधान
-चारधाम यात्रा और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी को मिलेगी नई रफ्तार
देहरादून, 07 जुलाई (हि.स.)। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) ने कहा है कि भानियावाला-जॉलीग्रांट-ऋषिकेश फोर,सिक्स लेन (एनएच-07) परियोजना को आधुनिक सड़क अवसंरचना और पर्यावरण संरक्षण के संतुलित मॉडल के रूप में विकसित किया जा रहा है। लगभग 20 किलोमीटर लंबी इस परियोजना पर 743 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इसे हाइब्रिड एन्युटी मोड के तहत बनाया जा रहा है।
एनएचएआई के अनुसार परियोजना में वन क्षेत्र में सामान्य 60 मीटर के राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) को घटाकर 23 मीटर रखा गया है,जिससे पेड़ों की कटाई न्यूनतम हो सके। वैज्ञानिक आकलन के आधार पर 754 पेड़ों को प्रतिरोपण के लिए चिन्हित किया गया है,जिनका स्थानांतरण आगामी मानसून में किया जाएगा।
प्राधिकरण ने बताया कि परियोजना में वन्यजीव संरक्षण को प्राथमिकता देते हुए एक प्रमुख ब्रिज-कम-एलीफेंट अंडरपास, चार समर्पित एलीफेंट अंडरपास,ग्रीन गाइड हेज,साउंड बैरियर,एंटी-ग्लेयर स्क्रीन, वन्यजीव चेतावनी संकेतक और 'नो हॉर्न' जोन जैसी व्यवस्थाएं की जा रही हैं। इसका उद्देश्य वन्यजीवों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करना और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करना है।
एनएचएआई के अनुसार परियोजना पूरी होने पर देहरादून, जॉलीग्रांट हवाई अड्डे और ऋषिकेश के बीच संपर्क बेहतर होगा, चारधाम यात्रियों और पर्यटकों की यात्रा सुगम बनेगी, यातायात जाम और यात्रा समय में कमी आएगी तथा सड़क सुरक्षा में भी सुधार होगा।

