हरिद्वार कुंभ 2027 को लेकर संत समाज में उत्साह, सरकार की तैयारियों को मिली सराहना
- DSS Admin
- Jun 23, 2026
हरिद्वार, 23 जून (हि.स.)। आगामी हरिद्वार कुंभ मेला 2027 को दिव्य, भव्य और सुव्यवस्थित स्वरूप देने के लिए उत्तराखंड सरकार व्यापक स्तर पर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटी है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में सरकार श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम दर्शन व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ अखाड़ों एवं संत समाज के साथ लगातार संवाद स्थापित कर रही है। संत समाज ने भी सरकार की प्रतिबद्धता और तैयारियों की सराहना करते हुए आयोजन को लेकर उत्साह व्यक्त किया है।
राज्य सरकार ने कुंभ मेला 2027 को अपनी सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल किया है। मुख्यमंत्री समय-समय पर विभिन्न अखाड़ों, संतों और धार्मिक संगठनों से संपर्क कर तैयारियों पर उनका मार्गदर्शन और सुझाव प्राप्त कर रहे हैं। सरकार द्वारा शंकराचार्यों को औपचारिक आमंत्रण भेजने के साथ ही अखाड़ों और साधु-संतों के प्रमुख संगठनों से निरंतर संपर्क बनाए रखा गया है। कुंभ क्षेत्र में इन दिनों स्थायी आधारभूत ढांचे के विकास कार्य तेजी से चल रहे हैं। सड़क, पेयजल, विद्युत, स्वच्छता, पार्किंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जा रहा है। मेला प्रशासन भी संत समाज के साथ निरंतर संवाद बनाए हुए है।
मेलाधिकारी सोनिका के नेतृत्व में अधिकारियों द्वारा विभिन्न अखाड़ों के प्रमुखों और संत-महात्माओं से मुलाकात कर उनकी आवश्यकताओं और सुझावों को जाना जा रहा है। इसी क्रम में अपर मेलाधिकारी दयानंद सरस्वती तथा अन्य अधिकारियों ने विभिन्न अखाड़ों और धार्मिक संस्थाओं के संतों से भेंट कर कुंभ की तैयारियों की जानकारी साझा की।बैठकों के दौरान साधु-संतों के लिए प्रस्तावित अस्थायी शिविरों, आधारभूत सुविधाओं और विकास कार्यों पर चर्चा की गई। संतों ने भी आयोजन को अधिक प्रभावी और श्रद्धालु-हितैषी बनाने के लिए अपने सुझाव दिए।
संत समाज ने एक स्वर में कहा कि आगामी हरिद्वार कुंभ मेला आस्था, अध्यात्म और भारतीय संस्कृति का विराट उत्सव होगा। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा समय रहते की जा रही तैयारियां और संत समाज के साथ निरंतर संवाद उसकी गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं।संतों ने विश्वास व्यक्त किया कि राज्य सरकार, मेला प्रशासन और अखाड़ों के संयुक्त प्रयासों से हरिद्वार कुंभ 2027 दिव्यता, भव्यता और सुव्यवस्था के नए मानक स्थापित करेगा। साथ ही उन्होंने आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग का भरोसा भी दिया। संत समाज का कहना है कि कुंभ केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि भारत की आध्यात्मिक परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और सामाजिक समरसता का प्रतीक है। ऐसे में इस महाआयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए सभी पक्ष मिलकर कार्य करेंगे।

