इटानगर, 09 जून (हि.स.)। ऑल अरुणाचल प्रदेश वर्कर्स वेलफेयर सोसाइटी ने राज्य सरकार से अरुणाचल प्रदेश बिल्डिंग एंड अंडर कंस्ट्रक्शन वर्कर्स वेलफेयर बोर्ड के तहत गैर-वैधानिक योजनाओं का उचित उपयोग करने का आग्रह किया है ताकि श्रमिक समुदाय को लाभ मिल सके।
सोसाईटी के महासचिव कार्बिया सोनम तारा ने आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए बताया कि उन्होंने इस संबंध में अरुणाचल प्रदेश के मुख्य सचिव को एक ज्ञापन सौंपा है और आरोप लगाया है कि गैर-वैधानिक निधि का दुरुपयोग किया जा रहा है।
उन्होंने सरकार से उन कथित गैर-वैधानिक योजनाओं को बंद करने का आग्रह किया, जिनका उपयोग उनके उद्देश्य के अनुरूप नहीं किया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि आरटीआई आवेदन के माध्यम से प्राप्त दस्तावेजों की जांच से श्रम कल्याण उपकर निधि के उपयोग में कथित अनियमितताएं सामने आई हैं। सोनाम ने कहा है कि भवन एवं अन्य निर्माण श्रमिक कल्याण उपकर अधिनियम, 1996 के तहत विभिन्न निर्माण परियोजनाओं से एकत्र किया गया 1% श्रम कल्याण उपकर का दुरुपयोग किया जा रहा है।
यह निधि पंजीकृत निर्माण श्रमिकों और उनके परिवारों के कल्याण और सामाजिक सुरक्षा के लिए है, जैसे आवास सहायता, विकलांगता पेंशन, औंजार खरीदने के लिए वित्तीय सहायता, मृत्यु भुगतान आदि। लेकिन इस निधि का उपयोग कंबल, मच्छरदानी, छाते, टॉयलेट सेट, डिनर सेट के वितरण, मेगा मेडिकल कैंप और जागरूकता अभियानों जैसे प्रचार कार्यों के लिए किया जा रहा है, जिन्हें उसने गैर-कानूनी योजनाएं बताया है। संस्था ने सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है और बोर्ड के व्यय प्रथाओं की समीक्षा का अनुरोध किया है।

