शासन सचिव पीएचईडी ने पेयजल आपूर्ति का औचक निरीक्षण किया, दो अधिकारियों को नोटिस

जयपुर, 21 अप्रैल (हि.स.)। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के शासन सचिव डॉ. समित शर्मा ने रविवार अल सुबह जयपुर शहर के परकोटा क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति का जायजा लिया। औचक निरीक्षण के दौरान कई स्थानों पर खामियां मिली। नियमित निरीक्षण नहीं करने वाले दो अधिकारियों को नोटिस भी जारी किया गया। उन्होंने मौजूदा जल कनेक्शन में लीकेज की जांच कर उन्हें रिपेयर करने एवं जलापूर्ति की निरंतर मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए।

परकोटे में विजिट के दौरान चांदपोल बाजार के दोनों तरफ के चार प्रमुख रास्तों में जेईएन और एईन द्वारा अपने क्षेत्र में सप्लाई समय के दौरान विजिट नहीं करने के कारण ज्यादा अव्यवस्थाएं मिली। इसलिए कनिष्ठ अभियंता दीक्षा गोयल और सहायक अभियंता संदीप कुमार को भी 17 सीसीए का नोटिस जारी किया गया है।

निरीक्षण में उनके साथ मुख्य अभियंता (नगरीय)राकेश लुहाड़िया अतिरिक्त मुख्य अभियंता अमिताभ शर्मा और अधीक्षण अभियंता अधिशासी अभियंता सहायक और कनिष्ठ अभियंताओं की पूरी टीम थी। उन्होंने दोषी अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के तत्काल बाद विभाग ने त्वरित कार्यवाही करते हुए अनेक स्थानों से बूस्टर जप्त किए और लीकेज रिपेयर का कार्य भी प्रारंभ किया।

शासन सचिव पीएचईडी ने कहा कि मुख्य जल वितरण पाइपलाइन से निकलने वाले सर्विस कनेक्शंस का पेयजल आपूर्ति के समय फील्ड अधिकारियों द्वारा नियमित रूप से निरीक्षण किया जाना सुनिश्चित करें, जिससे लीकेज सहित अन्य समस्या का तत्काल समाधान किया जा सके।

उन्होंने कहा कि जलापूर्ति के समय अवैध रूप से बूस्टर का इस्तेमाल रोकने के लिए विभाग द्वारा प्रभावी कार्यवाही की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में अवैध बूस्टर लगे हुए पाए जाएं उन बूस्टर को जब्त किया जाए साथ ही पेनल्टी लगाते हुए संबंधित उपभोक्ता के विरुद्ध कठोर कार्यवाही की जाए। अगर उपभोक्ता फिर भी नहीं माने तो संबंधित उपभोक्ता के नल कनेक्शन को डिस्कनेक्ट करने के लिए आवश्यक कार्यवाही की जाए।

शासन सचिव ने नाहरगढ़ रोड, गोविंद राव का रास्ता, बाबा हरिशचंद्र मार्ग, मिश्रा राव जी का रास्ता का निरीक्षण किया गया। सचिव द्वारा मिश्रा राव जी के रास्ता पर नगर निगम द्वारा सीवर कार्य के दौरान क्षतिग्रस्त पेयजल लाइन पर नाराज़गी ज़ाहिर करते हुए नगर निगम के अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर संयुक्त निरीक्षण करने के निर्देश दिए।

इस दौरान दिल्ली रोड पर 17.9 किलोमीटर पाइपलाइन एवं भूजल विभाग के कैंपस में स्थित 1300 लाख लीटर क्षमता के जलाशय एवं पम्प हाऊस निर्माण का निरीक्षण किया। योजनांतर्गत कार्य पूर्ण कर 30 अप्रैल तक आम जन को पूर्ण रूप से लाभांवित करने के निर्देश दिए। परकोटा के विभिन्न क्षेत्रों में की जा रही पेयजल की आपूर्ति की समीक्षा की तथा परकोटे की सप्लाई को भूजल विभाग के कैंपस के कार्य के उपरान्त री-शेड्यूल करने के निर्देश दिए ताकि उपभोक्ताओं को सही समय पर उचित मात्रा में पेयजल उपलब्ध हो सके।

पेयजल वितरण समय के दौरान निरीक्षण करें

शासन सचिव ने कहा कि प्रदेश में पेयजल आपूर्ति के दौरान निरीक्षण किया जाना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि मुख्य अभियंता एवं अतिरिक्त मुख्य अभियंता द्वारा सप्ताह में एक बार, अधीक्षण अभियंता द्वारा सप्ताह में दो बार, अधिशासी अभियंता द्वारा सप्ताह में तीन बार, सहायक अभियंता द्वारा सप्ताह में चार बार और कनिष्ठ अभियंता द्वारा सप्ताह में 6 बार आवश्यक रूप से पेयजल सप्लाई के समय निरीक्षण किया जाए और मौके पर फइटर, हेल्पर और वॉल मैन की सहायता से लीकेज को ठीक किया जाए, नियमित आपूर्ति गुणवत्ता एवं प्रेशर की जांच की जाए। साथ में अवैध कनेक्शन और बूस्टर के विरुद्ध भी सख्त कार्रवाई की जाए जिससे कि टेल ऐंड पर पानी पहुंच सके।

हिन्दुस्थान समाचार/ इंदु/ईश्वर

   

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