धमतरी : कृत्रिम गर्भाधान से पशुधन विकास की मिसाल बना ग्राम पुरी, रोज 5 सौ लीटर से अधिक दूध का हो रहा संकलन
- DSS Admin
- Jul 02, 2026
धमतरी, 02 जुलाई (हि.स.)। कृषि मंत्री रामविचार नेताम ने गुरुवार को धमतरी प्रवास के दौरान ग्राम पुरी पहुंचकर पशुधन विकास विभाग की योजनाओं और नवाचारों का अवलोकन किया।
पशु चिकित्सा संस्था मुख्य ग्राम इकाई में आयोजित उन्नत वत्स प्रदर्शनी में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से तैयार 42 उन्नत वत्सों (एफ-1 से एफ-3 पीढ़ी) को प्रदर्शित किया गया। नेताम ने उन्नत नस्ल के वत्सों का निरीक्षण किया, गायों को हरा चारा खिलाया और विभाग के वैज्ञानिक प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि, आधुनिक तकनीक के माध्यम से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार और दुग्ध उत्पादन बढ़ाना किसानों व पशुपालकों की आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, पशुधन विकास विभाग के संचालक चन्द्रकांत वर्मा, कलेक्टर अबिनाश मिश्रा सहित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे। अतिथियों ने प्रदर्शनी का अवलोकन कर पशुपालकों से संवाद किया और विभागीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन की जानकारी ली।
ग्राम पुरी की सरपंच कुंती देवदास और दुग्ध सहकारी समिति के अध्यक्ष चिरौंजीलाल साहू ने बताया कि गांव में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान के कारण लगभग हर परिवार डेयरी गतिविधियों से जुड़ चुका है। वर्तमान में दुग्ध संकलन केंद्र में प्रतिदिन 500 लीटर से अधिक दूध का संग्रह किया जा रहा है, जिससे ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी हुई है। ग्राम पुरी अब वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी विकास का प्रेरणादायी मॉडल बनकर उभरा है। इस दौरान कृत्रिम गर्भाधान कार्य में सूचना तंत्र के रूप में सहयोग देने वाले ग्राम के चरवाहों को गमछा और श्रीफल भेंटकर सम्मानित किया गया। कृषि क्षेत्र में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के उद्देश्य से खेतों में दवा छिड़काव के लिए स्प्रे ड्रोन का पूजन कर उसका प्रदर्शन भी किया गया।
किसानों को बताया गया कि, ड्रोन तकनीक से कम समय, कम लागत और अधिक दक्षता के साथ कृषि कार्य किए जा सकते हैं। नेताम ने धमतरी जिले में पशुधन विकास विभाग द्वारा संचालित कृत्रिम गर्भाधान, नस्ल सुधार, डेयरी विकास और अन्य नवाचार आधारित गतिविधियों की सराहना करते हुए कहा कि जिले का मॉडल अन्य जिलों के लिए भी प्रेरणास्रोत है। कार्यक्रम में उप संचालक डॉ. ए.के. मरकाम, अतिरिक्त उप संचालक डॉ. टी.आर. वर्मा, पशु चिकित्सा सहायक शल्यज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ठाकुर सहित विभागीय अधिकारियों, उन्नत पशुपालकों, किसानों और बड़ी संख्या में ग्रामीणों की सहभागिता रही।

