श्रम को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाने की एपीटीयूसी की अपील

इटानगर, 19 मई (हि.स.)। अरुणाचल प्रदेश ट्रेड यूनियन काउंसिल (एपीटीयूसी) ने मंगलवार को राज्य सरकार से अरुणाचल प्रदेश में श्रम अधिकारों और कल्याणकारी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के लिए तत्काल कदम उठाने का आग्रह किया।

आज अरुणाचल प्रेस क्लब में मीडियाकर्मियों को संबोधित करते हुए, एपीटीयूसी अध्यक्ष जल्ली सोनम ने श्रमिक समुदाय के कल्याण के लिए कई महत्वपूर्ण बिंदुओं पर प्रकाश डाला और कहा कि श्रमिकों को विभिन्न सुविधाएं प्रदान करने वाले कई कानून हैं, लेकिन अरुणाचल प्रदेश सरकार ने उन्हें लागू नहीं किया है, जिसके परिणामस्वरूप श्रमिक समुदाय इन सुविधाओं का लाभ उठाने में असमर्थ है।

उन्होंने कहा कि इस संबंध में, 4 मई को हमने अरुणाचल प्रदेश सरकार के श्रम आयुक्त, श्रम एवं रोजगार को एक ज्ञापन सौंपा है और अरुणाचल प्रदेश के लिए दत्तोपंत ठेंगडी राष्ट्रीय शिक्षा एवं विकास बोर्ड की स्थापना, सामाजिक सुरक्षा संहिता, 2020 के तहत दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम को लागू करने, न्यूनतम मजदूरी सलाहकार बोर्ड के गठन और स्नातक एवं स्नातकोत्तर श्रमिकों के वेतन में संशोधन आदि की मांग की थी।

उन्होंने दावा किया कि यदि दत्तोपंत ठेंगडी राष्ट्रीय श्रमिक शिक्षा एवं विकास बोर्ड की स्थापना होती है, तो यह ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों के संगठित और असंगठित श्रमिकों के लिए अत्यंत लाभकारी होगा। बोर्ड का मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की शिक्षा, जागरूकता और कौशल विकास आदि को बढ़ावा देना है।

उन्होंने सामाजिक सुरक्षा संहिता 2021 को लागू करने की मांग की, जिसे वर्ष 2016 में विधानसभा में पेश किया गया था। उक्त अधिनियम और नियमों के लागू होने से हजारों दुकान और वाणिज्यिक प्रतिष्ठान श्रमिकों को भविष्य निधि, कर्मचारी राज्य बीमा, बोनस, ग्रेच्युटी, कर्मचारी मुआवजा और न्यूनतम मजदूरी जैसे प्रावधानों से लाभ होगा। अधिनियम के लागू न होने के कारण वर्तमान में श्रमिकों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा, एपीटीयूसी ने ईपीएफ को अनिवार्य रूप से लागू करने, अंतर-राज्यीय प्रवासी श्रमिकों और संविदा श्रमिकों के सख्त विनियमन की भी मांग की।

   

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