एसएसबी प्रथम वाहिनी के सभी समवायों में मनाया गया अंतरराष्ट्रीय योग दिवस
- DSS Admin
- Jun 21, 2026
गुवाहाटी, 21 जून (हि.स.)। गुवाहाटी के सोनापुर स्थित सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) की प्रथम वाहिनी के कमांडेंट सुनील कौशिक के मार्गदर्शन में सभी समवायों के कार्यक्षेत्र के विद्यालयों में 12वां अंतरराष्ट्रीय योग दिवस आज उत्साह एवं उल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर वाहिनी/समवायों के सभी अधिकारी, बलकर्मी, छात्र-छात्राएं एवं आमजनता उपस्थिति रहे। कार्यक्रम के दौरान ध्यान का अभ्यास करने के साथ ही योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने का संकल्प लिया गया।
इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ आयु के लिए योग” रही, जिसका उद्देश्य सभी आयु वर्ग के लोगों को स्वस्थ, सक्रिय एवं संतुलित जीवनशैली के प्रति जागरूक करना है।
इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय कार्यक्रम का लाइव प्रसारण भी किया गया। प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन में योग को स्वस्थ एवं समृद्ध जीवन का आधार बताते हुए नियमित योगाभ्यास को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया।
इसके अतिरिक्त, एसएसबी प्रथम वाहिनी द्वारा अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर लक्ष्मीबाई राष्ट्रीय शारीरिक शिक्षा संस्थान (एलएनआईपीई) कमारकुची में अलग-अलग समूह की सदस्याओं, के साथ योग कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं एवं महिलाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। एसएसबी कार्मिकों द्वारा ग्रामीणों को योग के महत्व, इसके स्वास्थ्य लाभों तथा नियमित योगाभ्यास से होने वाले शारीरिक एवं मानसिक लाभों के बारे में जानकारी दी गई। इस पहल का उद्देश्य अपने कार्यक्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता बढ़ाना तथा योग को जन-जन तक पहुंचाना था।
एसएसबी की प्रथम वाहिनी के ‘जी’ समवाय के सहायक कमांडेंट नबीन चंद्रा दास ने अपने संबोधन में कहा कि योग भारत की प्राचीन एवं अमूल्य विरासत है, जो शारीरिक, मानसिक एवं आध्यात्मिक स्वास्थ्य को सुदृढ़ बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने सभी कार्मिकों एवं स्थानीय नागरिकों को नियमित योग अपनाने तथा स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों द्वारा योग को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा स्वस्थ भारत के निर्माण में योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।
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