स्थायी पुल के अभाव में बांस के सहारे आवागमन को मजबूर लोग

पश्चिम मेदिनीपुर, 24 जून (हि. स.)। मेदिनीपुर जिले के चंद्रकोणा-दो ब्लॉक अंतर्गत भगवंतपुर क्षेत्र में केठिया नदी पर बना लकड़ी का पुल पांच वर्ष पहले बाढ़ में बहने के बाद अब तक पुनर्निर्मित नहीं हो सका है। बरसात के मौसम में नदी पार करने के लिए स्थानीय लोगों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

जानकारी के अनुसार, वर्ष 2014 में करीब 22 लाख रुपये की लागत से तत्कालीन पंचायत द्वारा केठिया नदी पर लकड़ी का पुल बनाया गया था। वर्ष 2018 की बारिश में पुल क्षतिग्रस्त हुआ, जिसकी मरम्मत कराई गई थी, लेकिन 2021 की बाढ़ में पुल पूरी तरह बह गया। इसके बाद स्थायी पुल निर्माण की दिशा में कोई ठोस पहल नहीं की गई।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, पंचायत की ओर से हाल ही में मिट्टी और मोरम डालकर अस्थायी रास्ता बनाया गया था, लेकिन पिछले कुछ दिनों की लगातार बारिश के कारण नदी का जलस्तर बढ़ने से वह रास्ता भी टूट गया। इसके बाद ग्रामीणों ने स्वयं पहल कर टूटे हिस्से पर बांस का अस्थायी मचान बनाकर आवागमन की व्यवस्था की है।

इस पुल के अभाव में चाशीबाड़ी, कृष्णपुर, धरमपोता, चैतन्यपुर और पांचामी समेत कई गांवों के लोगों को 10 से 15 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ रही है। स्थानीय निवासी सिराजुल खान ने बताया कि इसी रास्ते से बच्चे स्कूल-कॉलेज जाते हैं तथा बाजार और अस्पताल पहुंचने के लिए भी यही एकमात्र रास्ता है।

भगवंतपुर-एक पंचायत के उपप्रधान अशरफुल इस्लाम मल्लिक ने बताया कि यहां स्थायी पुल निर्माण की मांग लंबे समय से की जा रही है। पूर्व सरकार ने दो पुलों को मंजूरी दी थी, लेकिन कार्य शुरू नहीं हो सका।

स्थानीय निवासी रामकृष्ण धर ने कहा कि यह समस्या काफी पुरानी है। उन्होंने प्रशासन से बात कर बरसात के दौरान लोगों को राहत दिलाने के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।

बरसात के बीच पुल न होने से हजारों ग्रामीणों की दैनिक जिंदगी प्रभावित हो रही है और क्षेत्र में जल्द स्थायी समाधान की मांग तेज हो गई है।

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