जोजिला सुरंग परियोजना में मुख्य सुरंग ब्रेकथ्रू का नितिन गडकरी ने किया निरीक्षण, हर मौसम में मिलेगी यातायात पहुंच
- DSS Admin
- Jun 09, 2026


नई दिल्ली, 09 जून (हि.स.)। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंगलवार को कारगिल के मीनामार्ग स्थित जोजिला सुरंग परियोजना के मुख्य सुरंग ब्रेकथ्रू (आरपार होना) का निरीक्षण किया। इस अवसर पर जम्मू‑कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा, मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला और अधिकारी मौजूद रहे।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय ने बताया कि जोजिला सुरंग परियोजना राष्ट्रीय राजमार्ग‑1 पर बालटाल से मीनामार्ग तक लगभग 14 किलोमीटर लंबी द्विदिशीय (टू वे) सुरंग के निर्माण से जुड़ी है। 6,800 करोड़ रुपये की लागत से विकसित हो रही यह परियोजना एशिया की सबसे लंबी सुरंग है। 2,900 से 3,310 मीटर की ऊंचाई पर निर्मित यह सुरंग कठिन मौसम और जटिल भूगर्भीय परिस्थितियों के बीच भारतीय इंजीनियरिंग क्षमता का उदाहरण है।
गडकरी ने बताया कि सुरंग में यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा के लिए आधुनिक वेंटिलेशन सिस्टम, ऑटोमैटिक फायर डिटेक्शन, सीसीटीवी निगरानी और पैदल यात्रियों के लिए क्रॉस पैसेज जैसी सुविधाएं उपलब्ध होंगी। सुरक्षा के लिए कट‑एंड‑कवर सेक्शन, पुल, पुलिया, स्नो गैलरी, कैच डैम और हिमस्खलन सुरक्षा संरचनाएं भी बनाई जा रही हैं।
गडकरी ने कहा कि यह परियोजना स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक अवसर का आधार बनेगी। ऑल‑वेदर कनेक्टिविटी से क्षेत्रीय विकास और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे भारत की अवसंरचना यात्रा का महत्वपूर्ण अध्याय बताया।
सुरंग के निर्माण से सोनमर्ग से मीनामार्ग तक की यात्रा दो घंटे से घटकर मात्र 30 मिनट रह जाएगी। इससे समय और ईंधन की बचत होगी, दुर्घटनाओं और हिमस्खलन के जोखिम में कमी आएगी तथा पर्यटन और व्यापार को नई गति मिलेगी। परियोजना से भारतीय सेना की आवाजाही और रसद आपूर्ति भी अधिक तेज और सुरक्षित होगी।
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