रायपुर में हाई-प्रोफाइल ठगी का खुलासा: देशभर के तीन सौ से अधिक होटलों को निशाना बनाने वाला अंतरराज्यीय ठग ओडिशा से गिरफ्तार

शातिर ठग बिंगसन जॉन

रायपुर, 02 जुलाई (हि.स.)। राजधानी रायपुर पुलिस ने देशभर के महंगे होटलों में ठगी और चोरी की वारदातों को अंजाम देने वाले एक शातिर अंतरराज्यीय आरोपित को ओडिशा के भुवनेश्वर से गिरफ्तार किया है।

आरोपित की पहचान बिंगसन जॉन (69 वर्ष), निवासी तूतीकोरिन (तमिलनाडु) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ देश के 10 से अधिक राज्यों में अपराध दर्ज हैं और वह करीब 15 वर्षों तक देश के विभिन्न जेलों, जिनमें तिहाड़ जेल भी शामिल है, में निरुद्ध रह चुका है।

पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला ने आज गुरुवार को मामले का खुलासा करते हुए बताया कि, आरोपित स्वयं को विदेशी पर्यटकों का गाइड, अंग्रेजी शिक्षक और योगा टीचर बताकर देश के महंगे होटलों में ठहरता था। होटल की सुविधाओं का उपयोग करने के बाद वह बिना बिल चुकाए फरार हो जाता था और होटल के कीमती उपकरण भी साथ ले जाता था।

होटल हयात में की थी वारदात

मामला रायपुर के थाना तेलीबांधा क्षेत्र स्थित होटल हयात का है। होटल के सिक्योरिटी इंचार्ज सूरज सिंह की शिकायत के अनुसार, आरोपी 25 जून 2026 को होटल में ठहरा था। 27 जून की सुबह वह बिना चेक-आउट प्रक्रिया पूरी किए होटल छोड़कर चला गया। आरोपी ने होटल का 63,755 रुपये का बिल नहीं चुकाया और विशेष अनुरोध पर किराए पर लिए गए करीब 1.48 लाख रुपये मूल्य के लैपटॉप को भी अपने साथ ले गया।

होटल प्रबंधन द्वारा संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन आरोपित के दोनों मोबाइल नंबर बंद मिले। इसके बाद थाना तेलीबांधा में अपराध क्रमांक 284/26 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।

72 घंटे में आरोपित तक पहुंची पुलिस-

घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य) उमेश प्रसाद गुप्ता के निर्देशन में एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट तथा थाना तेलीबांधा पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।

तकनीकी विश्लेषण और होटल में जमा दस्तावेजों की जांच के आधार पर आरोपित की लोकेशन ओडिशा के भुवनेश्वर में मिली। पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर आरोपित को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से होटल का लैपटॉप भी बरामद कर लिया गया।

चार्ल्स शोभराज से था प्रभावित-

पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि, वह वर्ष 1990 से देशभर के 300 से अधिक होटलों में इसी तरह की ठगी कर चुका है। उसने स्वीकार किया कि तिहाड़ जेल में रहने के दौरान वह कई बड़े अपराधियों के संपर्क में आया और कुख्यात ठग चार्ल्स शोभराज से प्रभावित होकर उसने इस तरह की वारदातों को अंजाम देना शुरू किया।

पुलिस के अनुसार, आरोपित जेल से छूटने के बाद सीधे किसी फाइव स्टार होटल को अपना निशाना बनाता था। वह होटल में कुछ दिन रुककर सुविधाओं का लाभ उठाता, फिर बिना भुगतान किए होटल का सामान लेकर फरार हो जाता था। पुलिस ने आरोपित को न्यायालय में पेश कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

   

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