आईआईईएसटी शिबपुर में तकनीकी और विज्ञान आधारित डिग्री पाठ्यक्रम शुरू
- DSS Admin
- Jun 20, 2026
कोलकाता, 20 जून (हि.स.)।भारतीय अभियांत्रिकी विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान, शिबपुर ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए अपने शैक्षणिक कार्यक्रमों में बड़े विस्तार की घोषणा की है। 170 वर्ष पुराने राष्ट्रीय महत्व के इस संस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप और वैश्विक तकनीकी मांगों को ध्यान में रखते हुए नया बीटेक गणित एवं कंप्यूटिंग तथा मूल विज्ञान विषयों में लचीले बहु-निकास विकल्प वाले पांच वर्षीय बीएस-एमएस कार्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है।
संस्थान द्वारा शुरू किया गया नया चार वर्षीय बीटेक गणित एवं कंप्यूटिंग कार्यक्रम कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उन्नत तकनीकों की बढ़ती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। इस पाठ्यक्रम में गणित और कंप्यूटर विज्ञान दोनों विषयों को समान महत्व दिया गया है। 40 सीटों वाले इस विशेष कार्यक्रम का उद्देश्य छात्रों को कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डेटा विज्ञान और क्वांटम कंप्यूटिंग जैसे क्षेत्रों के लिए तैयार करना है। इसमें विशेष वैकल्पिक विषयों के साथ अनिवार्य ग्रीष्मकालीन औद्योगिक प्रशिक्षण भी शामिल किया गया है। इस पाठ्यक्रम में प्रवेश केवल संयुक्त प्रवेश परीक्षा मुख्य की रैंकिंग के आधार पर होगा।
इसके साथ ही संस्थान ने रसायन विज्ञान, भौतिकी और अनुप्रयुक्त भूविज्ञान (पृथ्वी विज्ञान) में पांच वर्षीय एकीकृत बीएस-एमएस कार्यक्रम भी शुरू किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत तैयार किए गए इन पाठ्यक्रमों में “एक मुख्य विषय और दो सहायक विषय” की बहुविषयक संरचना अपनाई गई है। इसमें छात्रों को कई निकास विकल्प दिए गए हैं। तीसरे वर्ष के बाद विज्ञान स्नातक डिग्री, चौथे वर्ष के बाद विज्ञान स्नातक ऑनर्स या शोध सहित विज्ञान स्नातक ऑनर्स और पांचवें वर्ष के बाद पूर्ण बीएस-एमएस द्वैध डिग्री प्रदान की जाएगी।
नए पाठ्यक्रमों में कृत्रिम बुद्धिमत्ता-मशीन लर्निंग, बुनियादी कंप्यूटर प्रोग्रामिंग और सतत विकास जैसे उच्च मांग वाले कौशल मॉड्यूल जोड़े गए हैं। इसके साथ क्षेत्रीय अध्ययन, अनुभवात्मक शिक्षा और विश्लेषणात्मक प्रशिक्षण को भी पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
संस्थान ने इन विज्ञान कार्यक्रमों को अपने मुख्य परिसर नियुक्ति तंत्र से भी जोड़ दिया है। चार वर्षीय बीएस ऑनर्स के छात्र बीटेक छात्रों के साथ समान रूप से नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल हो सकेंगे, जबकि पांच वर्षीय बीएस-एमएस छात्र एमटेक छात्रों के साथ उच्च स्तरीय नौकरियों के लिए चयन प्रक्रिया में भाग लेंगे।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर वी. एम. एस. आर. मूर्ति ने कहा कि संस्थान ने पिछले 170 वर्षों में तकनीकी बदलावों के साथ लगातार खुद को विकसित किया है। उन्होंने कहा कि बीटेक गणित एवं कंप्यूटिंग और बहु-निकास बीएस-एमएस कार्यक्रमों की शुरुआत कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित वैश्विक अर्थव्यवस्था के लिए छात्रों को तैयार करने की दिशा में बड़ा कदम है। उनके अनुसार विज्ञान, गणित और अभियांत्रिकी के पारंपरिक विभाजन को समाप्त कर छात्रों को ऐसा लचीला ढांचा दिया जा रहा है जिससे वे अपनी शिक्षा को अपनी जरूरतों के अनुसार ढाल सकें, उद्योग जगत का अनुभव प्राप्त करें और सीधे उच्च स्तरीय कॉरपोरेट तथा शोध करियर में प्रवेश कर सकें।
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