ननिहाल की मिट्टी से जुड़ीं जूही बब्बर, नाना-नानी के संघर्ष को मंच पर करेंगी जीवंत

जूही बब्बर पत्रकारों से बातचीत करते हुए

जौनपुर,19 मई (हि.स.)। यूपी के जौनपुर में बॉलीवुड और रंगमंच की चर्चित अभिनेत्री जूही बब्बर बुधवार को जौनपुर में अपने नाना-नानी के जीवन संघर्ष पर आधारित एकल नाटक का मंचन करेंगी। कलेक्ट्रेट परिसर स्थित प्रेक्षागृह में आयोजित इस विशेष प्रस्तुति में जूही बब्बर सभी पात्रों को स्वयं मंच पर जीवंत करेंगी।

मंगलवार शाम जिला पंचायत गेस्ट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान जूही बब्बर भावुक नजर आईं। उन्होंने कहा कि जौनपुर केवल एक शहर नहीं, बल्कि उनकी भावनाओं और पारिवारिक विरासत से जुड़ी वह पवित्र धरती है, जहां उनके पूर्वजों की यादें आज भी जीवित हैं।जूही ने बताया कि उनके नाना साजिद जाहिर खेतासराय थाना क्षेत्र के कलापुर गांव के निवासी थे। वे देश के प्रसिद्ध साहित्यकार, प्रगतिशील विचारक और शिक्षा के बड़े समर्थक थे। उन्होंने साहित्य और शिक्षा को समाज परिवर्तन का माध्यम बनाया तथा अपनी वैचारिक पहचान देश-विदेश तक स्थापित की।उन्होंने कहा कि वर्ष 1936 में उनके नाना ने बड़े साहित्यकारों और बुद्धिजीवियों को एक मंच पर लाने के उद्देश्य से प्रोग्रेसिव राइटर एसोसिएशन की स्थापना की थी, जिसने उस दौर में सामाजिक चेतना और प्रगतिशील सोच को नई दिशा दी।जूही बब्बर ने अपनी नानी रजिया जाहिर को याद करते हुए कहा कि जब महिलाओं की शिक्षा पर तमाम सामाजिक बंदिशें थीं, तब उनके नाना ने उन्हें इलाहाबाद विश्व विद्यालय में उच्च शिक्षा के लिए भेजा। शिक्षा पूरी करने के बाद उन्होंने लखनऊ के कई कॉलेजों में अध्यापन कर महिला शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया।जूही ने कहा कि यह नाटक उनके लिए केवल एक प्रस्तुति नहीं, बल्कि अपने नाना-नानी को श्रद्धांजलि देने का माध्यम है। उन्होंने कहा कि नई पीढ़ी को उनके संघर्ष, विचार और सामाजिक योगदान के बारे में जानना चाहिए।गौरतलब है कि जूही बब्बर प्रसिद्ध अभिनेता राज बब्बर और चर्चित रंगकर्मी नादिरा बब्बर की बेटी हैं। उनके जौनपुर आगमन को लेकर साहित्यकारों, रंगकर्मियों और कला प्रेमियों में खास उत्साह देखा जा रहा है।

   

सम्बंधित खबर