कोरबा में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग पर जोर, 2026 को “स्वच्छ जल वर्ष” के रूप में मनाने की पहल
- DSS Admin
- May 19, 2026
कोरबा, 19 मई (हि. स.)। नगर पालिक निगम कोरबा द्वारा वर्षा जल संरक्षण और भूजलस्तर बढ़ाने के उद्देश्य से रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम को लेकर आज मंगलवार को एक महत्वपूर्ण कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि बरसात के पानी का संचयन आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन गया है और हर घर में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाया जाना जरूरी है, ताकि भविष्य में भूजल संकट से बचा जा सके।
कार्यक्रम में महापौर संजूदेवी राजपूत, निगम आयुक्त आशुतोष पाण्डेय, सभापति नूतन सिंह ठाकुर सहित निगम के पार्षद, जनप्रतिनिधि और अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यशाला में वर्ष 2026 को नगर निगम कोरबा क्षेत्र में “स्वच्छ जल वर्ष” के रूप में मनाने और जनभागीदारी बढ़ाने पर विस्तार से चर्चा की गई।
उद्योग मंत्री लखनलाल देवांगन ने कहा कि तेजी से गिरते भूजल स्तर को देखते हुए सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम नागरिकों को सामूहिक जिम्मेदारी निभानी होगी। उन्होंने लोगों से अपने घरों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाने और दूसरों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे ऊर्जाधानी कोरबा में भूजल स्तर सुधरेगा और भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सकेगी।
बैठक में बताया गया कि शहरीकरण के कारण भूजल पुनर्भरण लगातार कम हो रहा है, जबकि गर्मी और जरूरत के समय जल संकट गहराता जा रहा है। ऐसे में वर्षा जल संचयन भूजल स्तर बढ़ाने, जल गुणवत्ता सुधारने और कृषि उत्पादन को बेहतर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
निगम के नोडल अधिकारी अखिलेश शुक्ला ने जानकारी दी कि छत्तीसगढ़ भूमि विकास नियम 1984 के तहत शासकीय और निजी भवनों में रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम बनाना अनिवार्य है। उन्होंने उपस्थित पार्षदों को विभिन्न प्रकार के हार्वेस्टिंग मॉडलों और नियमों की जानकारी भी दी।
नगर निगम कोरबा ने वर्ष 2026 में कुल 1838 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित करने का लक्ष्य रखा था। इसके अंतर्गत 757 शासकीय भवनों और 1081 निजी भवनों में सिस्टम लगाए जाने थे। निगम के अनुसार सभी शासकीय भवनों में कार्य पूरा कर लिया गया है, जबकि निजी भवनों में 975 सिस्टम लगाए गए हैं। शेष भवनों के लिए जमा अमानत राशि राजसात कर पुनः निविदा प्रक्रिया शुरू की गई है। इस तरह वर्ष 2026 में अब तक कुल 1728 रेनवॉटर हार्वेस्टिंग सिस्टम स्थापित किए जा चुके हैं।
कार्यक्रम में एमआईसी सदस्य और पार्षदों सहित निगम के कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

