कांगड़ा–दौलतपुर टनल सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर अधिवक्ताओं ने एसडीएम कांगड़ा को सौंपा ज्ञापन
- DSS Admin
- Jun 10, 2026
धर्मशाला, 10 जून (हि.स.)। कांगड़ा शहर की जनता को लंबे समय से परेशान कर रही ओल्ड एसडीएम कार्यालय कांगड़ा से दौलतपुर टनल तक की जर्जर सड़क के मुद्दे को लेकर बुधवार को अधिवक्ताओं तथा समाजसेवी मुनीश बाहडी ने संयुक्त रूप से एसडीएम कांगड़ा को ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन में सड़क की अत्यंत खराब स्थिति पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए बताया गया कि यह सड़क जगह-जगह गड्ढों से भरी हुई है और इसकी हालत किसी राष्ट्रीय राजमार्ग की बजाय नाले जैसी दिखाई देती है। सड़क की खराब स्थिति के कारण स्थानीय निवासियों, विद्यार्थियों, कर्मचारियों, व्यापारियों, मरीजों और पर्यटकों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। साथ ही वाहन दुर्घटनाओं और जान-माल के नुकसान का खतरा भी लगातार बना हुआ है।
उधर एसडीएम कांगड़ा ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि इस संबंध में आवश्यक कार्रवाई करते हुए 7 दिनों के भीतर कार्य प्रारंभ करवाने का प्रयास किया जाएगा। इस अवसर पर अधिवक्ता सौरभ कौंडल ने कहा कि जनता की समस्याओं को देखते हुए प्रशासन को 10 दिनों का समय दिया जा रहा है। यदि 10 दिनों के भीतर सड़क के निर्माण अथवा मरम्मत का कार्य शुरू नहीं होता है तो 11वें दिन एसडीएम कोर्ट कांगड़ा परिसर में शांतिपूर्ण एवं लोकतांत्रिक तरीके से भूख हड़ताल शुरू की जाएगी।
उन्होंने कहा कि जब जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करवाने के लिए सरकार और प्रशासन को बार-बार आग्रह करना पड़ रहा है, तब आम लोगों के पास आंदोलन के अतिरिक्त कोई विकल्प नहीं बचता। सौरभ कौंडल ने कहा कि एक ओर वर्तमान सरकार जिला कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर कांगड़ा की प्रमुख सड़कें नालों जैसी स्थिति में पहुंच चुकी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या ऐसी बदहाल सड़कों के सहारे कांगड़ा को पर्यटन राजधानी बनाया जा सकता है।
प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से मांग की कि सड़क की मरम्मत और पुनर्निर्माण का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर आम जनता को राहत प्रदान की जाए। सौरभ कौंडल, सौरभ चौधरी, अभिमन्यु, सूरज, मनोज मेहता, सुरिंदर चौधरी, अर्चना पुरी और अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।

