14 फ़ीट की दीवार लांघ कर धर्मशाला कारागार से फरार हुई थी महिला कैदी

धर्मशाला, 01 जुलाई (हि.स.)। लाला लाजपत राय जिला एवं मुक्त कारागार धर्मशाला से बीते दिन मंगलवार सुबह फरार हुई विचाराधीन महिला बंदी के भागने का पूरा घटनाक्रम कारागार में लगे निगरानी कैमरों में कैद हो गया है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि महिला बंदी ने अपनी चुन्नी को कंटीले तारों में फंसाकर करीब 14 फुट ऊंची दीवार पार की और कारागार से बाहर निकल गई। हालांकि कुछ ही घंटों के भीतर पुलिस और कारागार विभाग की संयुक्त टीम ने उसे नूरपुर क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

सूत्रों के अनुसार निगरानी कैमरों की रिकॉर्डिंग में महिला बंदी के दीवार फांदकर फरार होने का दृश्य स्पष्ट दिखाई दे रहा है। घटना के बाद कारागार प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है।

मामले की जांच कारागार मुख्यालय शिमला से सहायक पुलिस अधीक्षक (कारागार) पंकज शर्मा को सौंपी गई है। जांच के दौरान यह भी परखा जा रहा है कि घटना के समय सुरक्षा व्यवस्था में कहीं लापरवाही तो नहीं बरती गई। यदि ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों की किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो उनके विरुद्ध विभागीय और नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

गौरतलब है कि फरार महिला बंदी अरविंदर कौर, पंजाब के तरनतारन जिले की रहने वाली है और मादक पदार्थ तस्करी से जुड़े एक मामले में विचाराधीन बंदी के रूप में धर्मशाला कारागार में बंद थी। मंगलवार सुबह उसके फरार होने की सूचना मिलते ही पुलिस और कारागार विभाग ने संयुक्त रूप से तलाश अभियान शुरू किया था। दोपहर करीब 12 बजे उप कारागार नूरपुर के कारागार कर्मियों और पुलिस दल ने उसे गिरफ्तार कर लिया।

कारागार विभाग ने बंदी की शीघ्र गिरफ्तारी में सहयोग के लिए उत्तरी क्षेत्र के उप महानिरीक्षक, नूरपुर पुलिस तथा उप कारागार नूरपुर के अधिकारियों और कर्मचारियों की सराहना की है। बंदी को पकड़ने में साहस और सतर्कता का परिचय देने वाले कारागार प्रहरी दीपक कुमार और प्रीतम कुमार को महानिदेशक कारागार की ओर से महानिदेशक प्रशस्ति चिह्न और प्रशस्ति प्रमाणपत्र देने की घोषणा की गई है।

   

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