
धमतरी, 19 मई (हि.स.)। गंगरेल स्थित प्रसिद्ध आदिशक्ति मां अंगारमोती धाम में लगाए गए फाल सीलिंग को लेकर विवाद गहरा गया है। ट्रस्ट के संस्थापक सदस्यों और पुजारियों ने आरोप लगाया है कि मां अंगारमोती के मूल स्वरूप और परंपरा से छेड़छाड़ करते हुए आधुनिकता की आड़ में अवैधानिक रूप से फाल सीलिंग लगाया गया है। उन्होंने इसे तत्काल हटाने और निर्माण में खर्च हुई राशि की संबंधित व्यक्ति से वसूली करने की मांग की है।
संस्थापक सदस्यों का कहना है कि मां अंगारमोती को खुले आसमान में विराजमान वन देवी के रूप में पूजा जाता है और वर्षों से यहां स्थायी निर्माण का प्रयास सफल नहीं हो पाया। उनका दावा है कि पूर्व में भी कई बार मंदिर निर्माण की कोशिशें हुईं, लेकिन प्राकृतिक बाधाओं और अप्रत्याशित घटनाओं के कारण निर्माण कार्य पूरे नहीं हो सके।
पुजारियों और संस्थापक सदस्यों ने आरोप लगाया कि, ट्रस्ट से जुड़े जीवराखन लाल मरई ने विरोध के बावजूद शेड में फाल सीलिंग लगवाया। उनका कहना है कि निर्माण कार्य के दौरान कई बार मशीनें बंद हुईं, तकनीकी बाधाएं आईं और प्राकृतिक व्यवधान भी उत्पन्न हुए, लेकिन इसके बावजूद निर्माण कराया गया। बताया गया कि निर्माण के कुछ दिनों बाद ही फाल सीलिंग का हिस्सा टूटकर गिर गया। 28 अप्रैल 2026 को दोपहर एक बड़ा हिस्सा गिरने से वहां मौजूद पुजारी और अन्य लोग दब गए थे, हालांकि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस घटना को लेकर संस्थापक सदस्यों ने इसे मां अंगारमोती की नाराजगी का संकेत बताया है। मामले को लेकर कलेक्टर और अनुविभागीय अधिकारी धमतरी को ज्ञापन सौंपा गया है। संस्थापक सदस्यों का कहना है कि प्रशासन से चर्चा के दौरान पुजारियों की सहमति के अनुसार निर्णय लेने का आश्वासन मिला था, वहीं फाल सीलिंग हटाने की बात भी कही गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। संस्थापक सदस्यों ने यह भी आरोप लगाया कि ट्रस्ट में अवैध सदस्य बनाए जाने और आर्थिक अनियमितताओं को लेकर मामला जिला न्यायालय में विचाराधीन है। ऐसे में बिना सहमति निर्माण कार्य कराना ट्रस्ट निधि के दुरुपयोग को दर्शाता है। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर दोषियों पर कार्रवाई और फाल सीलिंग हटाकर धाम को पूर्व स्वरूप में बहाल करने की मांग की है। इस संबंध में ट्रस्ट के संस्थापक सदस्य और पुजारी प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय से भी मुलाकात कर अपनी मांगों से अवगत कराया गया।
मांग करने वालों में प्रमुख संस्थापक आदिशक्ति मां अंगारमोती ट्रस्ट गंगरेल हेमलाल ठाकुर, कोमल सिंह ठाकुर, पुजारी ईश्वर नेताम, शिवचरण नेताम, मनराखन सिंह, ठाकुर शत्रुहन ध्रुव, भगत सिंह उइके , तुकाराम मरकाम, नकुल नेताम, सुदर्शन ठाकुर, हुलार सिंह कोर्राम प्रमुख हैं।
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