बाड़मेर, 19 मई (हि.स.)। बाड़मेर में मंगलवार को उस समय हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला, जब रविंद्र सिंह भाटी ने विरोध प्रदर्शन के दौरान खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। मौके पर मौजूद समर्थकों ने तुरंत कपड़े से पेट्रोल साफ किया, जबकि पुलिसकर्मी विधायक और उनके समर्थकों को धक्के देते हुए कलेक्ट्रेट परिसर के अंदर ले गए।
घटना बाड़मेर कलेक्ट्रेट के बाहर हुई, जहां विधायक भाटी मजदूरों की मांगों को लेकर अपने समर्थकों और ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन कर रहे थे।
विधायक एक बैग में पेट्रोल से भरी बोतल लेकर पहुंचे थे। कलेक्ट्रेट पहुंचते ही उन्होंने बैग से बोतल निकाली और अपने ऊपर पेट्रोल डाल लिया। इस दौरान विधायक भाटी पुलिस पर नाराज होते हुए बोले कि “करो दादागिरी करो… अरे माचिस दे, माचिस कहां है… मुझे मारो… मजदूरों को क्यों मार रहे हो?”
दरअसल, गिरल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय मजदूरों और युवाओं की मांगों को लेकर विधायक रविंद्र सिंह भाटी मंगलवार दोपहर करीब 500 वाहनों के काफिले के साथ गिरल गांव से कलेक्ट्रेट कूच के लिए रवाना हुए थे। लेकिन कलेक्ट्रेट से करीब एक किलोमीटर पहले बीएसएफ गेट पर पुलिस ने बसें लगाकर रास्ता बंद कर दिया।
काफिला रोके जाने के बाद विधायक अपने समर्थकों के साथ पैदल ही कलेक्ट्रेट की ओर बढ़ गए।
जैसे ही पुलिस ने समर्थकों को रोकने का प्रयास किया, स्थिति तनावपूर्ण हो गई और इसी दौरान भाटी ने खुद पर पेट्रोल छिड़क लिया। घटना के बाद पुलिस विधायक भाटी को कलेक्ट्रेट के अंदर ले गई, जहां कलक्टर चिन्मयी गोपाल और एसपी चुनाराम जाट ने उनसे बातचीत की। कलेक्ट्रेट के बाहर बड़ी संख्या में समर्थक जमा हैं और माहौल तनावपूर्ण बना हुआ है।
गौरतलब है कि राजस्थान स्टेट माइंस एंड मिनरल्स लिमिटेड की गिरल लिग्नाइट माइंस में स्थानीय श्रमिकों, ड्राइवरों और ग्रामीणों का आंदोलन पिछले 39 दिनों से जारी है। आंदोलनकारियों का आरोप है कि कंपनी ने स्थानीय लोगों को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन अब युवाओं को नौकरी से हटाया जा रहा है।
मजदूरों की प्रमुख मांगों में 8 घंटे की ड्यूटी लागू करना और स्थानीय युवाओं को रोजगार में प्राथमिकता देना शामिल है।
इस पूरे घटनाक्रम से एक दिन पहले हाईकोर्ट ने गिरल माइंस से लिग्नाइट परिवहन शुरू कराने और वाहनों को सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे। अदालत ने बाधा उत्पन्न करने वालों के खिलाफ कार्रवाई और गिरफ्तारी के आदेश भी दिए थे। संभावित तनाव को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर और बीएसएफ गेट पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। बैरिकेड्स लगाकर आवागमन रोका गया और कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर सुरक्षा बढ़ा दी गई।
फिलहाल प्रशासन विधायक और आंदोलनकारियों से बातचीत कर हालात सामान्य करने की कोशिश में जुटा हुआ है।
---------------

