कबाड़ डंप में भीषण आग, बाल-बाल बची कई जिंदगियां, कठुआ में टला बड़ा हादसा

Massive fire at scrap dump; several lives narrowly saved; major tragedy averted in Kathua.


कठुआ, 10 जून । जम्मू-पठानकोट नेशनल हाईवे के समीप कठुआ के मग्गर खड्ड क्षेत्र के पास उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक कबाड़ के डंप में संदिग्ध परिस्थितियों में भीषण आग लग गई। तेज हवाओं के चलते आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया और आसपास बनी दर्जनों झुग्गियों को अपनी चपेट में ले लिया।

आग लगने के समय झुग्गियों में मजदूर, महिलाएं और बच्चे सो रहे थे। लेकिन लपटों को देख सभी लोग समय रहते बाहर निकल आए जिससे एक बड़ी जनहानि टल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो यह हादसा दिल्ली के मालवीय नगर अग्निकांड जैसी भयावह घटना का रूप ले सकता था। आग ने कबाड़ के ढेर के साथ-साथ आसपास की दर्जनों झुग्गियों को पूरी तरह से जलाकर राख कर दिया। देखते ही देखते आग की ऊंची-ऊंची लपटों ने पूरे इलाके को अपनी चपेट में ले लिया जिससे भारी नुकसान हुआ। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की गाड़ियां मौके पर पहुंचीं, लेकिन तब तक आग काफी फैल चुकी थी। कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया।

फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि स्थानीय लोगों का आरोप है कि हटली मोड़ औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाला कबाड़ यहां वर्षों से डंप किया जा रहा है। क्या इन कबाड़ डंपिंग साइट्स को वैध अनुमति प्राप्त है रिहायशी इलाके के पास इस तरह का खतरनाक कबाड़ क्यों जमा किया जा रहा है आग से निपटने के लिए पर्याप्त इंतजाम क्यों नहीं हैं जैसे कई सवाल खड़े हो रहे हैं। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में करीब 6 से 7 कबाड़ी कारोबारी लंबे समय से काम कर रहे हैं और औद्योगिक कचरे, धातु व रासायनिक पदार्थों को खुले में डंप कर रहे हैं। गर्मियों के मौसम में यह स्थिति और अधिक खतरनाक हो जाती है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और भविष्य में ऐसे हादसों को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं। गौरतलब है कि समय रहते लोगों के सतर्क होने से एक बड़ा हादसा टल गया, लेकिन यह घटना प्रशासन और संबंधित विभागों की लापरवाही पर कई गंभीर सवाल खड़े कर रही है।

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