अनूपपुर: मां-बेटी ने की आत्महत्या, सुसाइड नोट में लिखा- हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते

अनूपपुर, 29 जून (हि.स.)। मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के कोतमा थाना क्षेत्र के खमरोध गांव में आर्थिक तंगी से परेशान होकर मां-बेटी ने आत्महत्या कर ली। सूचना मिलने सोमवार को पुलिस मौके पर पहुंच कर शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार, मृतकों की पहचान 42 वर्षीय मीरा रैदास एवं 24 वर्षीय बेटी पूनम रैदास के रूप में हुई है। मीरा रैदास पति से अलग होकर मायके में रह रही थीं और बेटी का पालन-पोषण कर रही थीं। उनके पति से भरण-पोषण राशि दिलाने का मामला न्यायालय में विचाराधीन था। रविवार शाम मां-बेटी घर से कुछ दूरी पर स्थित एक सुनसान जगह पर पहुंचीं। उन्होंने आम के पेड़ की दो अलग-अलग डालियों पर रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। सोमवार की सुबह स्थानीय ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस अधीक्षक विक्रांत मुराब ने बताया मामला आर्थिक तंगी से जुड़ा लग रहा है।

जांच में यह भी पता चला है कि रविवार को मां-बेटी कोतमा बाजार गई थीं, जहां से उन्होंने रस्सी खरीदी थी। इसके बाद गांव लौटकर उन्होंने यह कदम उठाया। घटनास्थल से बेटी की ओर से लिखा गया एक सुसाइड नोट भी मिला है, जिसमें लिखा है कि 'हम किसी पर बोझ नहीं बनना चाहते।' पुलिस ने सुसाइड नोट जब्त कर लिया है और उसकी जांच कर रही है।

पति से भरण-पोषण के लिए कोर्ट में चल रहा था मामला

पुलिस के अनुसार, मीरा रैदास का पति लंबे समय से उनसे अलग रह रहा था। उनके भरण-पोषण के लिए कोर्ट में मामला चल रहा था। पति-पत्नी के अलग होने का कारण पत्नी की मानसिक स्थिति ठीक न होना बताया गया है। पति वर्तमान में जमुना में रहता है, जबकि मीरा अपने मायके खमरोध में रह रही थीं। बेटी पूनम ग्रेजुएट थी और कंप्यूटर कोर्स कर रही थी। पति प्रायवेट जॉब के साथ खेती-बाड़ी का काम करता है। फिलहाल पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है। परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए विस्तृत विवेचना जारी है।

   

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