नारनौल : बिजली निजीकरण व स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में प्रदर्शन
- Vijesh Sharma
- Jun 15, 2026

नारनाैल, 15 जून । नारनौल में बिजली उपभोक्ता मंच हरियाणा एवं ऑल इंडिया इलेक्ट्रिसिटी कंज्यूमर एसोसिएशन के बैनर तले सोमवार को बिजली के निजीकरण, स्मार्ट मीटर योजना और बिजली संशोधन विधेयक के विरोध में लघु सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया गया। प्रदर्शन के बाद उपभोक्ताओं ने मुख्यमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं।
प्रदर्शन को संबोधित करते हुए मंच के राज्य सचिव मेहर सिंह बांगड़ ने कहा कि बिजली आज आम लोगों की मूलभूत आवश्यकता बन चुकी है और इसे लाभ कमाने का साधन नहीं बनाया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें बिजली वितरण व्यवस्था को निजी कंपनियों के हवाले करने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं, जिससे भविष्य में आम उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ सकता है।
उन्होंने मांग की कि बिजली अधिनियम-2003 को रद्द किया जाए, बिजली संशोधन विधेयक-2022 को वापस लिया जाए तथा स्मार्ट मीटर योजना पर तत्काल रोक लगाई जाए। उनका कहना था कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ताओं को प्रीपेड प्रणाली के तहत पहले भुगतान करना होगा, जिससे आम लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस व्यवस्था से मीटर रीडर और अन्य तकनीकी कर्मचारियों के रोजगार पर भी असर पड़ सकता है। मेहर सिंह बांगड़ ने हरियाणा इलेक्ट्रिसिटी रेगुलेटरी कमीशन से गुरुग्राम और नूंह के बिजली वितरण क्षेत्र के लिए निजी कंपनी इलेवन पावर प्राइवेट लिमिटेड के आवेदन को खारिज करने की भी मांग की।
मंच के जिला प्रधान डॉ राजेंद्र प्रसाद खरब ने जिले से जुड़ी बिजली संबंधी समस्याओं को उठाते हुए बिजली बिलों में त्रुटियां दूर करने, किसानों को नए कृषि कनेक्शन शीघ्र जारी करने, विद्युत हादसों पर रोक लगाने, आबादी क्षेत्र से हाई वोल्टेज लाइनों को हटाने तथा विभाग में खाली पदों को भरने की मांग की।
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