दिल्ली-एनसीआर में वाहन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़, आठ आरोपित गिरफ्तार

नई दिल्ली, 17 जून (हि.स.)। दक्षिण-पश्चिम जिले की ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (एएटीएस) ने दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय एक कुख्यात अंतरराज्यीय वाहन चोर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए आठ आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें पांच शातिर वाहन चोर और तीन चोरी के वाहन खरीदने वाले रिसीवर शामिल हैं। पुलिस ने आरोपितों के कब्जे से 10 चोरी के वाहन, 18 फर्जी नंबर प्लेट, 21 रिमोट चाबियां और वाहन चोरी में इस्तेमाल होने वाले अत्याधुनिक उपकरण बरामद किए हैं। इस कार्रवाई से वाहन चोरी के कुल 10 मामलों का खुलासा हुआ है।

दक्षिण-पश्चिम जिले के पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बुधवार को बताया कि लगातार बढ़ रही वाहन चोरी की घटनाओं को देखते हुए एएटीएस की विशेष टीम का गठन किया गया था। इंस्पेक्टर राम कुमार के नेतृत्व और एसीपी ऑपरेशंस संगमित्रा के पर्यवेक्षण में गठित टीम ने विभिन्न वारदात स्थलों का निरीक्षण किया, सीसीटीवी फुटेज खंगाली और तकनीकी व मानवीय सूचनाएं जुटाईं। जांच के दौरान पुलिस को दिल्ली-एनसीआर में सक्रिय वाहन चोर गिरोह के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। इसके बाद तीन फरवरी 2026 को गुप्त सूचना के आधार पर बाबा गंगनाथ मार्ग, मुनिरका के पास जाल बिछाया गया।

सुबह करीब सात बजे अरुणा आसफ अली रोड की ओर से आ रही एक हुंडई क्रेटा कार को रोकने का प्रयास किया गया। चालक ने पुलिस को देखकर वाहन तेज गति से भगाने की कोशिश की, लेकिन बैरिकेडिंग लगाकर उसे पकड़ लिया गया। गिरफ्तार चालक की पहचान मेरठ निवासी आसिम उर्फ हसीम उर्फ दीवाना (35) के रूप में हुई।

जांच में पता चला कि कार पर फर्जी नंबर प्लेट लगी हुई थी। वाहन का वास्तविक पंजीकरण नंबर जांचने पर वह मॉडल टाउन थाना क्षेत्र से चोरी की निकली। इस संबंध में किशनगढ़ थाने में बीएनएस की धाराओं 317(2), 345(3) और 111(2)(बी) के तहत मामला दर्ज किया गया। आसिम से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने गिरोह के अन्य सदस्यों रियाजुद्दीन, कुलदीप वर्मा, आरिफ, सतीश कुमार पाल तथा चोरी के वाहन खरीदने वाले फजर, महमूद खान और उजेर कुरैशी को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार, आरोपित संगठित तरीके से दिल्ली-एनसीआर के विभिन्न इलाकों से लग्जरी और अन्य कारों की चोरी करते थे। वे डुप्लीकेट चाबियों, रिमोट डिवाइस और ओबीडी स्कैनर जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की मदद से वाहन चुराते थे। चोरी के बाद वाहनों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर उन्हें नकली दस्तावेजों के जरिए बेच दिया जाता था। कुछ वाहनों को खोलकर उनके पुर्जे अलग-अलग बेचे जाते थे। पुलिस ने आरोपितों के

कब्जे से दो हुंडई क्रेटा कार, दो मारुति बलेनो कार, दो मारुति स्विफ्ट कार, एक मारुति वैगनआर कार, एक हुंडई आई-20 कार, एक हुंडई एक्सटर कार, एक मोटरसाइकिल, 18 जोड़ी फर्जी नंबर प्लेट, डुप्लीकेट चाबियां तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली 21 रिमोट चाबियां, एक ओबीडी स्कैनर, दो ड्रिल मशीन, दो स्क्रूड्राइवर, दो एलएन की और डोर लॉक सेट सहित दो टूल किट बरामद किए।

आरोपितों का आपराधिक रिकॉर्ड

पुलिस के अनुसार, गिरोह का सरगना आसिम उर्फ हसीम उर्फ दीवाना पहले से वाहन चोरी, धोखाधड़ी और आर्म्स एक्ट समेत 63 मामलों में शामिल रहा है। रियाजुद्दीन पर 11, कुलदीप वर्मा पर 12, आरिफ पर 13 और सतीश कुमार पाल पर 20 आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं, महमूद खान और उजेर कुरैशी पहले भी वाहन चोरी के मामलों में संलिप्त पाए गए हैं।

इन मामलों का हुआ खुलासा

पुलिस के अनुसार, इस कार्रवाई से किशनगढ़, मॉडल टाउन, अमर कॉलोनी, हजरत निजामुद्दीन, महरौली, पंजाबी बाग, नॉर्थ एवेन्यू, प्रशांत विहार और केएन कटजू मार्ग थाना क्षेत्रों में दर्ज वाहन चोरी के 10 मामलों का पर्दाफाश हुआ है। पुलिस उपायुक्त अमित गोयल ने बताया कि गिरोह के अन्य सदस्यों और चोरी के वाहनों के नेटवर्क की पहचान के लिए जांच जारी है।

---------------

   

सम्बंधित खबर