फर्जी शस्त्र लाइसेंस नेटवर्क पर एसटीएफ का एक और प्रहार, एक गिरफ्तार

देहरादून, 17 जून (हि.स.)। उत्तराखंड में फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों के नेटवर्क के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने एक और आरोपित को गिरफ्तार किया है। आरोपित के कब्जे से एक पिस्टल, एक रायफल, 17 जिंदा कारतूस, दो कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया गया है।

एसटीएफ के अनुसार मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के ‘अपराध मुक्त उत्तराखंड’ अभियान और पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देशन में राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित शस्त्र लाइसेंसों की वैधता की जांच की जा रही है। इसी क्रम में ऊधमसिंहनगर जनपद के काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे की विवेचना के दौरान एसटीएफ ने सरवरखेड़ा क्षेत्र में दबिश देकर दानिश उर्फ दानू पुत्र मोहम्मद अलीम उर्फ छुट्टन निवासी सरवरखेड़ा, थाना कुंडा को गिरफ्तार किया।

एसटीएफ ने आरोपित के कब्जे से एक सेमी ऑटोमैटिक .30 बोर पिस्टल, एक सेमी ऑटोमैटिक.315 बोर रायफल, 17 जिंदा कारतूस, शाहजहांपुर (उत्तर प्रदेश) से संबंधित दो कूटरचित शस्त्र लाइसेंस और एक फर्जी आधार कार्ड बरामद किया है।

एसटीएफ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने बताया कि वर्ष 2026 की शुरुआत से फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए अवैध लाइसेंस तैयार करने वाले गिरोहों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। पिछले एक माह से एसटीएफ की टीमें इस नेटवर्क की गहन जांच में जुटी हुई थीं।

उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस और अवैध हथियारों का यह नेटवर्क राज्य की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है। जांच में जिस किसी व्यक्ति, दलाल, लाइसेंस धारक या सहयोगी की संलिप्तता सामने आएगी, उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

एसटीएफ के अनुसार अबतक इस अभियान के तहत राज्य के विभिन्न जनपदों में चार मुकदमे दर्ज किए जा चुके हैं। दस आरोपितों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है तथा 16 अवैध हथियार, 358 कारतूस और बड़ी संख्या में संदिग्ध एवं फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए हैं।

एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस संबंधी किसी भी सूचना को तत्काल पुलिस के साथ साझा करें। सूचनाकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।--------------

   

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