अलवर को मिली जल संरक्षण परियोजनाओं की सौगात, भाखेड़ा एनीकट का लोकार्पण और जयसमंद नहर पक्कीकरण कार्य का शिलान्यास

अलवर. विकास कार्यों का उद्घाटन करते केंद्रीय मंत्री।अलवर. विकास कार्यों का उद्घाटन करते केंद्रीय मंत्री।

अलवर, 21 जून (हि.स.)। केंद्रीय वन एवं पर्यावरण मंत्री भूपेन्द्र यादव तथा राज्य वन मंत्री संजय शर्मा ने रविवार को अलवर जिले को जल संरक्षण और सिंचाई से जुड़ी महत्वपूर्ण परियोजनाओं की सौगात दी। उन्होंने 42.80 करोड़ रुपये की लागत से नटनी का बारा से जयसमंद बांध तक नहर पक्कीकरण कार्य का शिलान्यास तथा 3.34 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित भाखेड़ा एनीकट का लोकार्पण किया।

भाखेड़ा एनीकट के लोकार्पण समारोह को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने कहा कि अलवर और सरिस्का क्षेत्र के चहुंमुखी विकास के साथ आमजन को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में लगातार कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए एनीकट निर्माण, बांधों और नहरों के जीर्णोद्धार जैसे कार्य प्राथमिकता से कराए जा रहे हैं।

यादव ने कहा कि भाखेड़ा एनीकट का निर्माण निर्धारित समय सीमा में पूरा किया गया है। इससे भूजल स्तर में सुधार होगा, वन्यजीवों को पेयजल उपलब्ध होगा तथा आसपास के गांवों को कृषि एवं पेयजल के लिए लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा द्वारा अलवर जिले में 50 लाख पौधे लगाने का लक्ष्य दिया गया है, जिसे सामाजिक संस्थाओं और आमजन के सहयोग से पूरा किया जाएगा।

केंद्रीय मंत्री ने नटनी का बारा से जयसमंद बांध तक नहर पक्कीकरण कार्य के शिलान्यास अवसर पर कहा कि क्षेत्रवासियों की लंबे समय से चली आ रही मांग अब पूरी हुई है। नहर निर्माण कार्य को गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फीडर चैनल का कार्य पूरा होने के बाद क्षेत्र का भूजल स्तर बढ़ेगा तथा विभिन्न गांवों में जल उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

राज्य वन मंत्री संजय शर्मा ने कहा कि केंद्रीय मंत्री भूपेन्द्र यादव ने अलवर की पेयजल समस्याओं को समझते हुए विभिन्न जल परियोजनाओं की स्वीकृति दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री की बजट घोषणा के तहत भाखेड़ा एनीकट तथा जयसमंद से नटनी का बारा तक नहर पक्कीकरण कार्य के लिए राशि स्वीकृत की गई थी, जिसके तहत कार्यों को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरा किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि रूपारेल नदी का पानी जयसमंद बांध में पहुंचने से भूजल स्तर में सुधार होगा, पशु-पक्षियों को पेयजल मिलेगा तथा ग्रामीण क्षेत्रों को भी लाभ होगा। उन्होंने बताया कि भूरासिद्ध, अखैपुरा और जलरखवाला एनीकट परियोजनाओं पर भी कार्य प्रगति पर है, जिन्हें शीघ्र पूरा किया जाएगा।

सरिस्का क्षेत्र के विकास का उल्लेख करते हुए शर्मा ने कहा कि वर्तमान में सरिस्का में 56 बाघ, बाघिन और शावकों का कुनबा हो चुका है। पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए सरिस्का प्रवेश क्षेत्र में आकर्षक द्वार का निर्माण किया जाएगा, जहां से पर्यटकों को जिप्सियों के माध्यम से भ्रमण की सुविधा उपलब्ध होगी।

कार्यक्रम में विधायक देवी सिंह शेखावत, जिला प्रमुख बलवीर छिल्लर, जिला कलक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला, भाजपा जिलाध्यक्ष अशोक गुप्ता, महासिंह चौधरी, वन संरक्षक राजेंद्र हुड्डा, सरिस्का वन संरक्षक अभिमन्यु साहरण, सरस डेयरी अध्यक्ष नितिन सांगवान सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और ग्रामीण उपस्थित रहे।

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