फलता एसईजेड ने रचा नया कीर्तिमान, 12 वर्षों में निर्यात 85 हजार करोड़ रुपये के पार
- DSS Admin
- Jun 10, 2026
कोलकाता, 10 जून (हि.स.)। केंद्र सरकार के वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अधीन संचालित फलता स्पेशल इकोनॉमिक जोन (एसईजेड) ने पिछले 12 वर्षों में निर्यात, निवेश और रोजगार के क्षेत्र में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है। बुधवार को कोलकाता प्रेस क्लब में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में फलता एसईजेड के विकास आयुक्त दीन बंधु सिंह ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में एसईजेड का कुल निर्यात बढ़कर 85 हजार 93 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है, जो वर्ष 2014-15 की तुलना में लगभग आठ गुना अधिक है।
उन्होंने कहा कि इस अवधि में फलता एसईजेड ने पूर्वी भारत में निर्यात आधारित औद्योगिक विकास के एक प्रमुख केंद्र के रूप में अपनी पहचान मजबूत की है। वर्ष 2014-15 में जहां कुल निर्यात 10,469 करोड़ रुपये था, वहीं अब यह बढ़कर 85 हजार 93 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।
दीन बंधु सिंह के अनुसार, रोजगार सृजन के क्षेत्र में भी उल्लेखनीय प्रगति हुई है। वर्ष 2014-15 में जहां एसईजेड से जुड़े उद्योगों में 49,879 लोगों को रोजगार मिला हुआ था, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 1,23,829 हो गई है। इसी तरह कुल निवेश 15,563 करोड़ रुपये से बढ़कर 45,331 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
निर्यात के आंकड़ों पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने बताया कि माल निर्यात 2592 करोड़ रुपये से बढ़कर 53,439 करोड़ रुपये हो गया है, जबकि सेवा निर्यात 7877 करोड़ रुपये से बढ़कर 31,654 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। यह वृद्धि क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों और वैश्विक बाजारों में प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता के विस्तार को दर्शाती है।
फलता एसईजेड की इस सफलता में इंजीनियरिंग, वस्त्र, रसायन, चमड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, इलेक्ट्रॉनिक्स, रत्न एवं आभूषण तथा सूचना प्रौद्योगिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी सक्षम सेवाओं से जुड़े उद्योगों की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। इन क्षेत्रों में लगातार बढ़ते निवेश और उत्पादन ने निर्यात को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में योगदान दिया है।
उन्होंने यह भी बताया कि फलता एसईजेड के अधिकार क्षेत्र के अंतर्गत ओडिशा में सेमीकंडक्टर विनिर्माण के लिए एक नए विशेष आर्थिक क्षेत्र को मंजूरी दी गई है। इस परियोजना से वर्ष 2030 तक लगभग 1,250 करोड़ रुपये के निर्यात और 250 से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष रोजगार मिलने की संभावना है।
वर्तमान में फलता एसईजेड में 55 इकाइयों को स्वीकृति प्रदान की गई है, जिनमें से 42 इकाइयां सक्रिय रूप से संचालित हो रही हैं। पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, बिहार, सिक्किम तथा पूर्वोत्तर राज्यों को कवर करने वाला यह एसईजेड अब पूर्वी भारत के औद्योगिक और निर्यात विकास का एक महत्वपूर्ण केंद्र बनकर उभरा है।
विकास आयुक्त ने विश्वास जताया कि आने वाले वर्षों में नए निवेश, उन्नत प्रौद्योगिकी आधारित उद्योगों और सेमीकंडक्टर जैसे उभरते क्षेत्रों में विस्तार के साथ फलता एसईजेड देश की निर्यात अर्थव्यवस्था में और अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

