डांग इलाके के पैतृक गांव भवूतीपुरा में हुआ जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार

डांग इलाके के पैतृक गांव भवूतीपुरा में जगन गुर्जर का अंतिम संस्कारडांग इलाके के पैतृक गांव भवूतीपुरा में जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार

धौलपुर, 01 जुलाई (हि.स.)। चंबल के बीहड के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर का बुधवार दोपहर कडी सुरक्षा में पैतृक गांव भवूतीपुरा में अंतिम संस्कार किया गया। जगन गुर्जर की अंतिम यात्रा में अभूतपूर्व सुरक्षा व्यवस्था के बीच दर्जनों गांवों के लोग शामिल हुए। सुरक्षा का आलम ऐसा रहा कि भवूतीपुरा तथा आसपास के इलाके के हर रास्ते, हर मोड़ और हर गतिविधि पर पुलिस की नजर रही। जगन गुर्जर के अंतिम संस्कार में शामिल होने उसके तीनों भाइयों को भी एसटीएफ के कड़े सुरक्षा घेरे में लाया गया। जगन गुर्जर के पुत्र आसाराम गुर्जर ने मुखाग्नि दी तथा अंतिम संस्कार की अन्य रस्में निभाईं।

अजमेर के जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद में जगन गुर्जर का शव सुबह करीब साढ़े सात बजे उसके गांव भवूतीपुरा पहुंचा। शव पहुंचने के बाद अंतिम दर्शन के लिए लोगों की भीड़ जमा होने लगी। जगन गुर्जर की अंतिम यात्रा में धौलपुर के सुखे का पुरा, गजपुरा, गुर्जर खानपुर, मुतावली एवं दनावली सहित आसपास के दर्जनों गांवों से सैकड़ों लोग पहुंचे। जगन गुर्जर के तीनों भाइयों पप्पू गुर्जर, लाल सिंह और पान सिंह को अंतिम संस्कार में शामिल कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। तीनों को अलग-अलग वाहनों से एसटीएफ सुरक्षा में गांव लाया गया और कार्यक्रम समाप्त होने के तुरंत बाद वापस ले जाया गया। पुलिस द्वारा कडी सुरक्षा व्यवस्था के चलते सोने का गुर्जा, बाड़ी सदर, बाड़ी कोतवाली, बसई डांग, कंचनपुर, निहालगंज, धौलपुर सदर, राजाखेड़ा और मनिया थाना पुलिस मौके पर मौजूद रही। बाडी के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्रवण कुमार और सीओ महेंद्र कुमार ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी संभाली।

बताते चलें कि 29 जून को अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या हुई थी। आराेप है कि जेल में बंद एक अन्य आरोपित विष्णु ने तौलिए से गला दबाकर उसकी हत्या की। घटना के बाद परिजनों ने विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया था और कार्रवाई की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए थे। प्रशासन और परिजनों के बीच हुई वार्ता के बाद पांच प्रमुख मांगों पर सहमति बनी। इसमें परिवार को सुरक्षा देने, बेटे को जांच अवधि तक पीएसओ उपलब्ध कराने, पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में स्थानांतरित करने, जेल अधिकारियों की जांच तथा संबंधित अधिकारियों पर आरोप सही पाए जाने पर कार्रवाई का आश्वासन शामिल है।

पूर्वी राजस्थान के धौलपुर जिले के डांग क्षेत्र के भवूतीपुरा गांव निवासी जगन गुर्जर के खिलाफ राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश में हत्या, डकैती, अपहरण, फिरौती और लूट सहित करीब सवा सौ मामले दर्ज बताए जाते हैं। करीब तीस वर्षों तक उसका नाम चंबल क्षेत्र में दहशत और अपराध की दुनिया से जुड़ा रहा। डकैत जगन गुर्जर चार भाई थे, अब तीन बचे हैं। इन भाइयों में लाल सिंह गुर्जर सबसे बड़ा है तथा पान सिंह गुर्जर और पप्पू गुर्जर छोटे भाई हैं। पान सिंह गुर्जर और लाल सिंह गुर्जर धौलपुर जेल में है। जबकि पप्पू गुर्जर अजमेर जेल में बीते करीब तीन साल से बंद है।

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