चित्तौड़ दुर्ग पर बुलडोजर का खर्च भी कब्जाधारियों से वसूलेगा प्रशासन, दूसरे दिन भी चली जेसीबी
- DSS Admin
- Jun 15, 2026
चित्तौड़गढ़, 15 जून (हि.स.)। विश्व प्रसिद्ध चित्तौड़ दुर्ग को अतिक्रमण मुक्त करने की मुहिम में जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है। जिला कलक्टर डॉ. मंजू ने साफ किया कि अतिक्रमण हटाने में लगी जेसीबी, मशीनरी, श्रमिकों और पुलिस जाप्ते पर हुए करीब 1.50 लाख रुपये के खर्च की वसूली भी अतिक्रमणकारियों से ही की जाएगी। नियम तोड़ा तो आर्थिक दंड भी भरना होगा।
चित्तौड़गढ़ जिला कलक्टर डॉ मंजू ने बताया कि रविवार को दुर्ग क्षेत्र में व्यापक अभियान चलाया गया। यहां युवराज सिंह और सत्यनारायण धोबी की और से बनाए गए दो मंजिला अवैध रेस्टोरेंट को ध्वस्त कर दिया गया। कार्रवाई शाम तक चली और इसमें 10 जेसीबी, 20 से अधिक ट्रैक्टर और कटर मशीनों के साथ नगर परिषद के 50 से ज्यादा कार्मिक लगे। करीब 125 ट्रैक्टर मलबा, सरिया और निर्माण सामग्री हटाई गई। दोनों के खिलाफ एफआईआर के निर्देश दिए गए हैं। इस अतिक्रमण को हटाने में करीब डेढ लाख रुपये का खर्च हुआ है। यह राशि भी इन अतिक्रमियों से वसूल की जाएगी।
जिला कलक्टर ने बताया कि दुर्ग क्षेत्र में अवैध निर्माण की शिकायतों पर जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों के साथ संयुक्त निरीक्षण किया। चिन्हित स्थलों का भौतिक सत्यापन कर कार्रवाई की गई। कलक्टर डॉ. मंजू ने कहा कि चित्तौड़ दुर्ग सिर्फ राजस्थान नहीं, पूरे देश की ऐतिहासिक-सांस्कृतिक पहचान है। इसकी मूल संरचना और पुरातात्विक महत्व से छेड़छाड़ बर्दाश्त नहीं होगी।
एसपी धर्मेन्द्र सिंह ने चेतावनी दी कि दुर्ग क्षेत्र में बिना अनुमति रेत, सीमेंट, पत्थर ले जाने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी। भविष्य में अवैध निर्माण या सरकारी भूमि पर कब्जा करने वालों पर एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग दे रही है।
जिला कलक्टर ने बताया कि अभियान के दौरान सफाई, पेयजल, विद्युत, सड़क मरम्मत, पार्किंग, प्रकाश और यातायात व्यवस्था की समीक्षा हुई। इसके लिए विभिन्न विभागों को जिम्मेदारी सौंपी गई। दुर्ग को अतिक्रमण मुक्त रखने के लिए नियमित मॉनिटरिंग होगी।
---------------

